लगाएं दूध और शहद का मास्‍क त्‍वचा में तुरंत निखार पाए



दूध में शहद मिलाकर पीना हमारी सेहत के लिए बेहद ही फायदेमंद होता है। यह बात तो लगभग हम सभी जानते हैं, लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि शहद और दूध आपकी त्‍वचा की समस्‍याओं के लिए भी बेहद फायदेमंद होता है। दूध एक बेहतरीन क्लींजर है जिससे हम त्वचा को साफ कर सकते है। दूध विटामिन ए, डी, बी-6, बी-12, कैल्शियम, प्रोटीन जैसे विटामिन और पोषक तत्वों से युक्त है। ये मिनरल्स त्वचा के टिश्‍यु में सुधार लाते है जिससे कोलेजन की मात्रा बढ़ जाती है और त्वचा को नमी मिलती है। साथ ही शहद, चेहरे के लिए सबसे अच्‍छा प्रोडक्‍ट है। इसे लगाने से चेहरे पर प्राकृतिक निखार आता है और त्‍वचा का रूखापन दूर होता है। अगर आपकी त्‍वचा बहुत ही सेंसटिव है तो शहद बहुत ही मददगार हो सकता है।



त्‍वचा के लिए दूध और शहद का मास्‍क ही क्‍यों?

सोचो अगर दूध और शहद को मिला दिया जाये तो शहद और दूध में मौजूद तत्‍व त्‍वचा की रंगत को निखारने के साथ उसे चमकदार और स्‍वस्‍थ बनाने में भी मदद करती है। चेहरे पर दूध और शहद से बने मास्‍क के इतने सारे फायदे हो सकते हैं, जिनके बारे में आप अंदाजा भी नहीं लगा सकतीं। शहद, चेहरे के लिए सबसे अच्‍छा प्रोडक्‍ट होता है। इसे लगाने से चेहरे पर प्राकृतिक निखार आता है और त्‍वचा का रूखापन भी चला जाता है। आइए जानें दूध और शहद का मास्‍क त्‍वचा के लिए कैसे फायदेमंद होता है।

बेहतर क्लीन्जर
कच्चा दूध का एक उत्कृष्ट क्‍लीन्‍जर है। यह बात तो हम सभी जानते हैं, लेकिन कच्‍चे दूध में शहद को मिक्‍स करने से यह जादुई सा असर करता है। इसके लिए कच्‍चे दूध में थोड़ा सा शहद मिलाकर कॉटन की मदद से चेहरे पर लगाकर पांच मिनट लगाने के बाद धो लें। नियमित रूप से ऐसा करने से आपकी त्‍वचा कोमल और साफ होने लगेगी।

त्‍वचा को चमकदार बनाएं
शहद और दूध में मौजूद एंटीऑक्‍सीडेंट शरीर के साथ त्‍वचा के लिए भी बेहद फायदेमंद होते हैं। शहद और दूध से बना मास्‍क त्‍वचा पर लगाने से तुरंत चमक आ जाती है। ऑफिस में पूरा दिन काम करने के बाद इसके इस्‍तेमाल से आप फ्रेश दिखने लगते है। साथ ही नियमित रूप से शहद और दूध के मास्‍क से चेहरे की टैनिंग भी दूर होने लगती है। विटामिन, मिनरल और प्रोटीन से भरपूर होने के कारण त्‍वचा की रंगत निखारने में भी मदद करता है।

दाग धब्‍बे मिटाएं
यह शहद और दूध के महत्वपूर्ण लाभ में से एक है। यह चेचक के निशान सहित कई प्रकार के निशान को हटाने के रूप में जाना जाता है। अगर आपके चेहरे पर मुंहासे या चेचक के दाग पडे़ हुए हैं तो, इस मास्‍क के नियमित रूप पर लगाने से गायब होने लगेंगे।

झुर्रियों को दूर करें
अगर आप अपने चेहरे से झुर्रियों को दूर करना चाहते हैं तो शहद और दूध से बना फेस पैक इस समस्‍या में आपकी मदद कर सकते है। इसके लिए दोनों को बराबर मात्रा में मिलाकर चेहरे पर लगा लें।

मुंहासों का इलाज करें
अगर आपको मुंहासों की समस्‍या है तो शहद और दूध से बने इस पेस्‍ट को जरूर इस्‍तेमाल करें। इस मास्‍क को नियमित रूप से लगाने से यह आपकी त्‍वचा के लिए चमत्‍कार के रूप में काम करता है और मुंहासों को इलाज करने में मदद करता है।

जानिए इलायची खाने के फायदे, क्यों है सेहतमंद



इलायची एक सुगंधित मसाला है। इसका इस्‍तेमाल खाने में स्वाद और खुशबू बढ़ाने के साथ-साथ माउथ फ्रेशनर के रुप में भी किया जाता है। लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि दिन में सिर्फ 1 इलायची खाने से आप कई तरह की स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं से भी बच सकते हैं। य‍कीन नहीं आ रहा तो आइए इस आर्टिकल के माध्‍यम से दिन में 1 इलायची खाने के फायदों के बारे में जानें।

इलायची में आयरन, जिंक, राइबोफ्लेविन, सल्‍फर, विटामिन सी और नियासिन पाया जाता है। जो हर तरह से हमारे शरीर के लिए फायदेमंद होते है। साथ ही साथ यह कई सारी बीमारियों से हमारे शरीर को लड़ने में मदद करता है। वैसे तो इलायची खाने के फायदों की एक लंबी चौड़ी लिस्‍ट मौजूद है लेकिन आज हम आपको इसके कुछ खास फायदों के बारे में जानकारी देगें।



केवल '1 इलायची' खाने के फायदे
  • जिनकी सांसों से दुर्गंध आती है वह लोग रोजाना सिर्फ एक इलायची खाकर अपनी सांसों की दुर्गंध को दूर कर सकते हैं। क्‍योंकि इसमें बहुत सारे एंटी-बैक्‍टीरियल गुण होते हैं जो हमारे मुंह के अंदर मौजूद बैक्‍टीरिया को जड़ से खत्‍म कर देता है। इसलिए मुंह से आने वाली गंध, सांस की बदबू, मुंह के छाले, मसूडो मे दर्द या सूजन आदि मे बहुत अधिक लाभ देती है।
  • इलायची रेड ब्लड सेल्स के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यह शरीर से विषैले तत्‍वों को बाहर कर फ्री रेडिकल्‍स का मुकाबला करती है।
  • यह हमारी पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है। पाचन तंत्र में मौजूद किसी भी प्रकार की समस्‍या को खत्‍म करता है। इलायची प्राकृतिक रूप से गैस को खत्म करती है। यह पाचन को बढ़ाने, पेट की सूजन को कम करने व दिल की जलन को खत्म करने का काम करती है। अगर आपको पाचन तंत्र से जुड़ी कोई भी समस्‍या है तो रोजाना एक इलायची का सेवन करें।
  • सर्दी के मौसम में बहुत सारे लोगों को सर्दी जुकाम और गले में खराश की शिकायत रहती है। अगर आप रात को खाना खाने के बाद सिर्फ एक इलायची अच्‍छे से चबाकर खाते हैं और ऊपर से गुनगुना पानी पीते हैं तो निश्चित रूप से आपकी यह समस्‍या दूर हो जाती है। इस उपाय को करने के बाद आपको किसी भी एलोपैथी दवा लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
  • इलायची से कोलेस्‍ट्रॉल भी कम किया जा सकता है। अगर आप रोजाना ए‍क इलायची को अच्‍छे से चबा-चबाकर खाते हैं तो यह हृदय संबधी रोगो मे लाभ मिलता है। यह हमारे ब्‍लड सर्कुलेशन को नियंत्रित करता है जिससे शरीर की बीमारियां दूर हो जाती है खासतौर पर दिल की धमनियों पर जमा वसा को दूर करता है।
  • इसके अलावा इलायची हमारे पैरो की सूजन, पेट के दर्द, हाजमा, एसीडिटी, सिर दर्द और रक्तचाप को नियंत्रित करता है साथ ही खून की कमी को भी पूरा करता है।
विशेष याद रखने वाली बात

आपको इलायची खाते समय यह सावधानी रखनी होगी कि इसे केवल 1 ही खाये और खाने के बाद इसे अच्‍छी तरह चबाए और कोशिश करें कि इसे खाना खाने के बाद खाए।

डायबीटिज से बचाव के प्राकृतिक उपचार


ड़ायबीटिज एक बहुत हीं खतरनाक बीमारी है लेकिन अगर आप प्राकृतिक उपायों से इस पर नियंत्रण कर सके तो मधुमेह से आपको घबराने की जरुरत नहीं है। डायबीटिज को समझें और उसका उपचार करें। निम्न कुछ प्राकृतिक उपचार से आप ड़ायबीटिज पर नियंत्रण पा सकते हैं।


  • दालचीनी: अध्ययन से पता चलता है कि दालचीनी मधुमेह को नियंत्रित करने में बहुत हीं महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। दालचीनी लगभग हर घर में पाया जाता है। यह हानिकारक कोलेस्ट्रोल को कम करता है और आपके शरीर में रक्त शर्करा कि मात्रा को भी घटाता है जिससे मधुमेह के रोगियों को बहुत हीं लाभ पहुँचता है। दालचीनी भले हीं मधुमेह का प्राकृतिक उपचार करने में सहायक सिद्ध होता है लेकिन इसका अत्यधिक सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे लाभ कि बजाये नुकसान हो सकता है। आप दालचीनी पीस लें और चुटकी भर चाए में उबालकर दिन में एक दो बार पिया करें। जो लोग मधुमेह के शिकार हो चुके हैं और उसके लिए दवाइयां ले रहे हैं वे दालचीनी का उपयोग करने से पहले अपने डॉक्टर कि सलाह अवश्य लें। लेकिन जिन्हें मधुमेह नहीं हुआ है या जो अब तक मधुमेह कि दवाइयां नहीं ले रहे हैं वे अगर दालचीनी का नियमित रूप से सेवन करें तो वे ड़ायबिटिज के शिकार होने से बच सकते हैं।

  • अंजीर के पत्ते: अंजीर के पत्ते कई प्रकार के रोगों के उपचार में लाभ पहुंचाते हैं जैसे ब्रोंकाइटिस, जननांग मौसा, लीवर सिरोसिस, उच्च रक्तचाप इत्यादि। लेकिन मधुमेह के इलाज के लिए अंजीर के पत्ते सर्वश्रेष्ठ माने जाते हैं। अंजीर के पत्तों से न सिर्फ मधुमेह का उपचार किया जाता है बल्कि ये पत्ते और भी कई बीमारियों में लाभ पहुंचाते है। इसके पत्ते को उबालकर, छानकर, पानी को ठंढा करके पीया करें।

  • आम के पत्ते: यूँ तो पका हुआ आम मधुमेह के मरीजों के लिए पूरी तरह से वर्जित होता है लेकिन इसके विपरीत आम के पत्ते मधुमेह के मरीजों को काफी लाभ पहुंचाते हैं। आप आम के कुछ ताजे पत्तों को एक ग्लास पानी में उबाल लें और रात भर उसे वैसे हीं छोड़ दें। सुबह होने पर पानी को स्वच्छ कपडे से छान लें और खाली पेट में पी लिया करें। ऐसा नियमित रूप से कई दिनों तक करने से ड़ायबीटीज के मरीजों को काफी फायदा पहुंचता है। यह मधुमेह के लिए एक बहुत हीं प्रभावी प्राकृतिक एवं घेरेलू उपाय है। 

  • मेथी के बीज: ड़ायबीटिज को प्राकृतिक रूप से नियंत्रित करने में मेथी के बीज भी बहुत हीं कारगर सिद्ध होते हैं। मेथी के बीज में कुछ ऐसे घटक छिपे होते हैं जो आपके शरीर के भीतर मौजूद रक्त शर्करा को कम करते हैं। इसमें ४ हाईड्रोओक्सीसोल्युसीन नामक अमीनो एसिड होता है। यह अमीनो एसिड आपके अग्न्याशय से इंसुलिन का स्राव उत्तेजित करते हैं जिसकी वजह से आपके रक्त में मौजूद शर्करा इंधन के रूप में बदल जाता है। इस तरह एक ओर जहाँ इस प्रक्रिया से आपको शक्ति एवं उर्जा मिलती है वही दूसरी ओर आपके शरीर में रक्त शर्करा की मात्रा कम होती है। मेथी के बीज में जेनटियानाइन, ट्रीगोनेलीन और कारपाइन नामक घटक भी पाए जाते हैं जो आपके भोजन से कार्बोहाईडरेट का अवशोषण धीमा करते हैं और आपके रक्त प्रवाह में ग्लूकोज की मात्रा घटाते हैं।

  • करेले का रस: ताजे करेले का रस भी ड़ायबीटिज को नियंत्रित करने का एक बहुत हीं प्रभावकारी प्राकृतिक उपचार है। एक छोटे से करेले का बीज निकाल लें और करेले का रस निकलकर रोजाना सुबह सुबह खाली पेट में पीया करें। यह आपके लीवर और अग्न्याशय को स्वस्थ रखता है जिससे कि इंसुलिन का उत्पादन सुचारू रूप से होता रहता है और आपके रक्त में रक्त शर्करा की मात्रा बढ़ने नहीं पाती।

पेट के लिए बेल से भी ज्यादा फायदेमंद हैं पपीते के पत्ते, जानें कैसे?


पेट और डाइजेशन फिट होना बहुत जरूरी होता है, क्‍यों कि जब तक आपका पेट सही नही होगा तब तक आप सेहतमंद नही हो सकते हैं। इसलिए बहुत जरूरी है कि आप अपने पेट को स्वस्थ व सेहतमंद रखें। यदि आप इस प्रयास में आगे बढना चाहते हैं और एक घरेलू उपाय की मदद से अपने पेट व आंतों की सेहत को सुधार सकते हैं। अपने पेट को साफ रखने के लिए आप अपने किचन में मौजूद सामग्री का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए पपीता के पत्‍ते का रस काफी फायदेमंद हो सकता है। इसे बनाना बहुत आसान है। इस लेख से सीखिए जूस तैयार करना।



सामग्री
  • पपीते के पत्तों का रस- 3 बड़े चमच
  • शहद- 1 बड़ा चमच


जूस बनाने की विधि

ऊपर दी गई सामग्री को एक गिलास में ड़ालकर मिलाएं। इस मिश्रण को 15 दिन तक रोज़ सुबह खाली पेट पिएं। यह मिश्रण आपके पेट को साफ कर आपको हल्का महसूस कराएगा। इसके अलावा, पपीते के पत्तों से बना यह रस आपके आँतों में मौजूद जीवाणुओं व बैक्टीरिया का खात्मा करता है तथा आपके पेट को सेहतमंद बनाता है। पपीते के पत्तों और शहद में मौजूद विटामिन व मिनरल पेट की कोशिकाओं को पोषित करते हैं तथा स्वस्थ पाचन रस के उत्पादन में सहायता करते हैं।

Ayurvedic tips for Hair


आइए जानते हैं, कुछ ऐसे आयुर्वेदिक उपायों के बारे में जिसे इस्तेमाल करने से बाल न सिर्फ काला होता है बल्कि उनमें कुदरती चमक भी आती है। साथ ही, बालों का झड़ना-गिरना (Hair Fall) भी बंद हो जाता है।



आंवला पाउडर 
आंवले के पाउडर को लोहे के काले रंग के बर्तन में एक दिन तक रखिए और दूसरे दिन सुबह इसमें थोड़ा पानी मिलाकर पेस्ट बना लीजिए। इस पेस्ट को पूरे एक हफ्ते तक पानी मिला कर लोहे बर्तन में रखना है। हफ्ते भर में यह पेस्ट बिल्कुल काला हो जाएगा। जब यह पेस्ट पूरी तरह काला हो जाए तो इसे डाई की तरह बालों में लगाएं। इस विधि को दो-तीन बार अलग-अलग दिन पर आजमाए। बालों में कुदरती काला रंग आने लगेगा

शिकाकाई
शिकाकाई और सूखे आंवले लेकर को अच्छी तरह से कूट ले। दोनों के टुकड़ों को रात भर पानी में भिगों कर रखें। सुबह इस पानी को कपड़े के साथ मसलकर छान लें और इससे बालों की मालिश करें। मालिश करने के आधा घंटा बाद बाद नहा लें। बालों के सूखने पर नारियल का तेल लगायें। ऐसा करने से बाल काले, लंबे, मुलायम और चमकदार होते हैं। खास बात यह है कि शिकाकाई और आंवले से बाल कभी सफेद नहीं होते व जिनके बाल सफेद हों तो वे भी काले हो जाते हैं.

नारियल व जैतून का तेल और नींबू का रस (Coconut Oil, Olive Oil and Lemon Juice)
नारियल के तेल और जैतून के तेल (ऑलिव ऑयल) की बराबर मात्रा लेकर इसमें नींबू की कुछ बूंदे मिला कर बालों की मालिश करें। मालिश के बाद फिर गर्म तौलिए से सिर को तीन मिनट के लिए ढकें। ऐसा करने से बालों का झड़ना (hair fall) बंद होता है और बाल काला भी होता है।

मेथी पाउडर 
मेथी के बीजों में बालों को पोषण देने वाले सभी जरुरी तत्व मौजूद होते हैं। मेथी के बीज में फॉस्फेट, लेसिथिन, न्यूक्लिओ-अलब्यूमिन और कॉड-लिवर ऑयल के साथ फोलिक एसिड, मैग्नीशियम, सोडियम, जिंक, कॉपर, नियासिन, थियामिन, कैरोटीन आदि पोषक तत्व पाए जाते हैं जो बालों की जड़ों को मजबूती प्रदान करते हैं।
मेथी दानों को ग्राईंडर में पीसकर चूर्ण बना लें। चूर्ण में पानी मिलाकर पेस्ट तैयार कर लें और इस पेस्ट को बालों में लगाएं। इसे लगाने से बाल काला, घना और लंबा तो होगा ही, डैंड्रफ की परेशानी भी खत्म होगी।

अमरबेल 
करीब 250 ग्राम अमरबेल को लगभग तीन लीटर पानी में उबालें। जब पानी आधा हो जाए और अमरबेल पानी में पूरी तरह मिल जाए तो तो इसे उतार लें। सुबह के समय इससे बालों को धोयें. इससे बाल लंबे, काले और घने होते हैं।

त्रिफला 
त्रिफला चूर्ण में लगभग एक चौथाई ग्राम लौह भस्म मिलाकर सुबह-शाम सेवन करने से बालों का झड़ना बंद हो जाता है और बालों में कुदरती रंग आती है।

कलौंजी 
एक लीटर पानी में पचास ग्राम कलौंजी उबाल लें। इस उबले हुए पानी को ठंडाकर इससे बालों को धोएं। बाल एक महीने के अंदर काले और लंबे हो जाएंगे।

नीम 
नीम के पत्तों को पानी के साथ पीसकर बालों में लगाएं व दो-तीन घंटे के बाद बालों को धो डालें। इससे बालों का झड़ना कम होगा और बाल लंबे और काले भी होंगे।

मेंहदी और आंवला 
सूखी मेंहदी और सूखा आंवला की बराबर मात्रा लेकर शाम को पानी में भींगने के लिए छोड़ लें। रात भर भींगने के बाद सुबह इससे बालों को धोएंट इसे लगातार आजमाने बाल काले, मुलायम और लंबे होते हैं।

रीठा 
एक ग्राम कपूर, 100 ग्राम नागरमोथा और रीठे के फल की गिरी, शिकाकाई पाव भर और 200 ग्राम आंवला, इन सभी को मिलाकर पीस लें। इस मिश्रण को आधा ग्लास पानी में मिलाकर लेप बना लें। इस लेप को बालों में लगाएं लेप सूखने के बाद गुनगुने पानी से बालों को अच्छी तरह धो लें। इससे बाल काले, घने और मुलायम होते हैं। रीठा, आंवला व शिकाकाई को आपस में मिलाकर बाल धोने से बाल सिल्की और चमकदार होती है।

शंखपुष्पी 
शंखपुष्पी से बने तेल रोजाना नियमित रूप से बालों में लगाने से सफेद बाल काले हो जाते हैं।

भांगरा 
जहां पर बाल न हों, वहां पर भांगरा के पत्तों के रस से मालिश करने से कुछ ही दिनों में अच्छे काले बाल निकल सकते हैं। जिन लोगों के बाल अधिक टूटते-झड़ते हैं उन्हें इस उपाय को जरूर आजमाना चाहिए। त्रिफला चूर्ण को भांगरा के रस में उबाल कर फिर इसे अच्छी तरह से सुखाकर, पीसकर रख लें। इसे प्रतिदिन सुबह के समय लगभग 2 ग्राम तक सेवन करने से बालों का सफेद होना बंद हो जाता है।

काला तिल 
काले तिल के तेल बालों में लगाने से बाल सफेद नहीं होते हैं। रोजाना सिर में तिल के तेल को लगाने से बाल घने काले और चमकदार हो जाते हैं।

Home remedies for Sore Throat

1. गले में खराश
बदलते मौसम में गले में खराश होना आम बात है। खराश से आपके गले में चुभन होने लगती है। साथ ही बोलने में भी परेशानी हो सकती है। ऐसे में आप डॉक्टर की मदद लेने से पहले कुछ प्राकृतिक उपायों का भी सहारा लिया जा सकता है। आइए जानें ऐसे ही कुछ प्राकृतिक उपायों के बारे में।

2. गरारे
गले में खराश के लिए गर्म पानी में नमक डालकर गरारे करना बहुत आसान और असरदार उपाय हैं। नमक मिला गर्म पानी गले में इंफेक्शन की वजह से आयी सूजन को कम कर आराम पहुंचाता है। जल्द राहत पाने के लिए बेहतर होगा कि आप हर तीन घंटे में गरारे करें। गरारे करने के तुरन्त बाद किसी ठंडे पदार्थ का सेवन न करें। गुनगुने पानी में सिरका डालकर गरारे करने से भी गले के रोग में आराम मिलता है।


3. शहद वाली चाय
शहद वाली चाय पीने से गले मे खराश के दौरान होने वाले दर्द से राहत मिलती है। कई शोधों में भी यह बात साबित हुई है कि शहद में बैक्टीरिया से लड़ने वाले तत्व पाए जाते हैं, जो गले की खराश में फायदेमंद होते हैं।

4. मुनक्का
जिन लोगों को गले में निरंतर खराश या फिर एलर्जी के कारण गले में तकलीफ बनी रहती है। तो सुबह-शाम दोनों वक्त चार-पांच मुनक्का बीजों को खूब चबाकर खा ला लें। दस दिनों तक निरंतर ऐसा करें। लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि ऊपर से पानी ना पिएं।


5. हर्बल चाय
काली मिर्च, तुलसी व लौंग से बनी चाय पीने से गले में खराश की समस्या में आराम मिलता है। इन प्राकृतिक औषधियों से बनी गर्म चाय की चुस्कियों से गले को काफी राहत मिलती है, साथ ही यह चाय शरीर के लिए नुकसानदेह भी नहीं होती है।

6. हल्दी वाला दूध
अदरक को पीस कर उसमें थोड़ी सी हल्दी और चाय पत्ति डालकर दूध में उबाल लें। दूध तब तक उबालें जब तक हल्दी पक ना जाएं। फिर इसे कप में लेकर चाय की चुस्कियां लेते हुए पिएं। इससे गले में खराश में काफी राहत मिलेगी।


7. तरल पदार्थ
गले में खराश होने पर कुछ भी खाना-पीना आसान नहीं होता है लेकिन बेहतर होगा कि अगर आप थोड़ी-थोड़ी देर में कुछ गर्म तरल पदार्थ लेते रहें। और कुछ भी नहीं तो आप थोड़ी-थोड़ी देर में गर्म पानी पीते रहें। इससे आपके गले की सिकाई होगी और आपको आराम मिलेगा।

8. मुलहठी
मुलहठी गले में खराश के लिए रामबाण होता हैं। सोते समय मुलहठी की छोटी सी गांठ मुख में रखकर कुछ देर चबाये। सुबह तक गला साफ हो जायेगा। मुलहठी को अगर पान के पत्ते में रखकर लिया जाय तो और भी अच्छा रहता है। इससे सुबह गले में खराश दूर होने के साथ-साथ गले का दर्द और सूजन भी दूर होती है।

9. काली मिर्च
गले की खराश को दूर करने के लिए रात को सोते समय काली मिर्च और बताशे चबाकर सो जायें। बताशे न मिलें तो काली मिर्च व मिश्री मुंह में रखकर धीरे-धीरे चूसते रहने से भी बैठा गला खुल जाता है।


10. अंजीर
नाशपाती के आकार का अंजीर बहुत ही स्वादिष्ट और फायदेमंद फल है। अंजीर में पाया जाने वाला सोडियम, पोटेशियम, कैल्शियम, आयरन, तांबा, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस, सल्फर, फाइबर और क्लोरिन स्वास्थ के लिए बहुत ही लाभदायक होते है। पानी में 5 अंजीर को डालकर उबाल लें और इसे छानकर इस पानी को गर्म-गर्म सुबह और शाम को पीने से खराब गले में लाभ होता है।



Important Health Tips for Daily Life - दैनिक जीवन के लिए महत्वपूर्ण स्वास्थ्य उपाय




बड़े काम की छोटी छोटी बातें
 
व्यक्ति फल खाता है, परंतु यह नहीं जानता कि कैसे खायें। पका हुआ केला शहद के साथ खायें, अति स्वास्थ्यवर्धक होगा। अधपका केला नहीं खाना चाहिए।केले को दूध के साथ मिलाकर शेक न बनायें
बल्कि पहले दो केले खाये फिर उपर से गर्म दूध पियें देह मांसल(पुष्ठ) होगी।
-गर्भनिरोधक- मासिक धर्म से शुद्ध होने पर (पांचवें दिन से) चमेली की एक कली (चमेली का फूल, जो खिला न हो) पानी के साथ रोज लगातार तीन दिन तक निगलने से एक वर्ष तक गर्भनिरोधक का काम करेगा।
-जब नींद न आये- पैर के नाखूनों पर तेल लगायें।
भांग पीस कर तलुवों पर लगायें, जल्द नींद आ जायेगी।
-तुलसी के एक मुट्ठी भर पत्ते तकिये के नीचे रख दें।
-नेत्रज्योति- रोज नहाने से पूर्व पांव के अंगूठों में सरसों का तेल मलें, नेत्रज्योति बुढ़ापे तक कमजोर नहीं होगी।
-मोतियाबिंद- रोज माथे पर असली चंदन घिस कर लगायें, मोतियाबिंद नहीं होगा।
-दीर्घायु- जिस दिन बच्चा पैदा हो, उस दिन से 10 दिन तक लगातार बच्चे को असली सोने के चावल का आठवां भाग घिस कर थोड़ा सा जल मिला कर चटायें।
-जब बाल अधिक झड़ते हों- तांबे की कटोरी में दही डाल कर उसमें तांबे के तीन-चार छोटे-छोटे टुकड़े डाल दें। 3-4 दिन बाद उन टुकड़ों से दही को घिसें, अब दही हरे रंग की हो जायेगी। इस दही को अच्छी तरह सिर पर मलें, आधे घंटे बाद बालों को रीठी शिकाकाई से धो लें।
-घर के चूहे भगायें- घर में एक चूहे को किसी तरह पकड़ कर नीले रंग में रंग दें। इससे होगा यह कि बाकी चूहे उसे देख कर घर से बाहर भाग जायेंगे।
-आंखें दुखना- यदि यह महसूस हो कि आंखों में दर्द होने वाला है या फिर दर्द आरंभ हो गया हो, तो ऐसी स्थिति में उसी समय उसी ओर के कान में रुई ठूंस लें। यदि दोनों आंखों में दर्द है, तो दोनों कानों में रुई ठूंस लें। 2-3 घंटे के लिए दर्द ठीक हो जायेगा।
-हर प्रकार की खांसी दूर करें- गुदा पर दिन भर में 3-4 बार तेल चुपड़ते रहें, खांसी दूर हो जायेगी।
-पसली में दर्द- हींग को गरम पानी में घोल कर दर्द वाली पसली पर लेप करें, पसली का दर्द ठीक होगा।
-दाद, खाज, सिर की गंज- पका हुआ केला (केले का गूदा) नींबू के रस में पीस कर मलहम की तरह प्रभावित जगह पर लेप करें। इससे दाद, खाज, गंज में लाभ होगा।
- खूनी बवासीर में भुने हुए चने गरम-गरम खाने से आराम मिलता है
-जब दस्त हो रही हो- तो लौकी का रायता खायें।
-पैर के तलवे में जलनहो रही हो तो लौकी को काट कर तलवे पर मलें।
- हल्के दस्त में काली चाय (बिना दूध) में नींबू निचोड़ कर पियें।
-हृदय रोगियों के लिए पेय-जामुन, आम, अर्जुन की छाल ले कर दरदरा
कूट लें रात को एक गिलास पानी में उसे भिगो दें ,सुबह इसे छान
कर एक चम्मच शहद के साथ मिला कर इसे पी जायें,
यदि साथ ही मधुमेह भी हो, तो शहद न डालें, बल्कि रात में उस गिलास में मेथी के दाने भी भिगो दें। मेथी मधुमेह को नियंत्रित करता है। -जुकाम के रोगी को हर चीज गर्म ही खानी चाहिये, जैसे, खाना, चाय, कॉफी, सूप, दाल आदि। पीने का पानी गुनगुना होना चाहिये। अचार,
चटनी, फ्रिज में रखी कोई चीज या ठंडी चीज न लें।
-जिन बच्चों का कद धीरे-धीरे बढ़ता हो (ज्यादातर 8-10 साल की उम्र के
बीच के बच्चों के लिए)- एक खजूर, चार काली किशमिश, एक कप साफ
पानी में रात को भिगोयें। सुबह दूध के साथ उन्हें खाने को दें या दूध में
डाल कर खाने को दें, नुस्खा कारगर है।
तोतलापन-इस समस्या से जूझने वाले बच्चों को कुछ समय तक रोज एक
हरा ताजा आंवला खिलायें। लाभ होगा।
-आम टॉनिक (शक्ति व स्फूर्तिदायक)आम के 11 ऐसे पत्ते, जो पेड़ पर लगे-
लगे ही पीले पड़ गये हों, उन्हें एक लीटर पानी में 4-5 इलायची डाल कर
तब तक पकायें, जब तक पानी आधा न रह जाये। फिर उसे उतार कर
इच्छानुसार दूध, चीनी डाल कर चाय की तरह पियें। ऐसा करने से कमजोरी
दूर होगी।
-कमजोर नजर के लिये पिसी बादाम, सौंफ और मिश्री, इन तीनों को सौ-सौ
ग्राम ले करएक साथ पीस लें फिर टाइट ढक्कन वाली शीशी में बंद कर रख
लें। रोज रात एक चम्मच भर कर दूध के साथ सेवन करें, इससे नेत्रदृष्टि
अच्छी हो जायेगी।