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ढीले और लटके हुए स्तनों को कम करने के लिए 5 Tips

tips for reduce loose breasts

 ढीले और लटके हुए स्तनों को टाइट और आकर्षक बनाने के लिए कुछ सरल टिप्स अपनाए जा सकते हैं। ये टिप्स आपके स्तनों को बेहतर आकार देने में सहायक हो सकते हैं:


1. व्यायाम करें
  • पुश-अप्स (Push-Ups): पुश-अप्स आपकी छाती और कंधों की मांसपेशियों को मजबूत बनाते हैं, जिससे स्तनों में कसाव आता है।
  • CHEST PRESS & FLY: एक विशेष कठोरता प्रदान करती है जो स्तनों के आकार को दृढ़ करती है।
  • प्लैंक (Plank): प्लैंक से साथ ही, पूरे शरीर के मांसपेशियों को भी मजबूती मिलती हैं।
2. सही ब्रा पहनें
  • हमेशा अपनी सही साइज की ब्रा चुनें, जो आपके स्तनों को सही सपोर्ट दे सके। स्पोर्ट्स ब्रा पहनना भी अच्छा होता है, खासकर जब आप व्यायाम कर रही हों, क्योंकि यह अतिरिक्त सपोर्ट देता है।
3. मालिश करें
  • शारीरिक चिकित्सा: नियमित रूप से जैतून या नारियल तेल से मालिश करें। हल्के हाथों से गोलाकार दिशा में मसाज करने से स्तनों की त्वचा में कसाव आता है और ब्लड सर्कुलेशन भी बेहतर होता है। 
4. संतुलित आहार लें।
  • स्वस्थ और संतुलित आहार लें जिसमें प्रोटीन, विटामिन, और मिनरल्स भरपूर मात्रा में हों. हरी सब्जियाँ, फल, और मेवों का सेवन करने से त्वचा में निखार आता है और शरीर में आवश्यक पोषक तत्व मिलते हैं। 

5. अच्छी मुद्रा (Posture) बनाए रखें
  • हमेशा अपनी पीठ सीधी रखें और कंधों को पीछे की ओर रखें। अच्छी मुद्रा से स्तनों को उचित सपोर्ट मिलता है, जिससे उनका शेप बेहतर होता है। लम्बे समय तक गलत मुद्रा में बैठने से स्तनों में ढीलापन आ सकता है।
अपनाये उपायों को आप धीरे-धीरे स्तनों में फर्क जरुर महसूस करेंगी। नियमितता से इन टिप्स का पालन करने से परिणाम और भी अच्छे होंगे।

Home remedies for Sore Throat

1. गले में खराश
बदलते मौसम में गले में खराश होना आम बात है। खराश से आपके गले में चुभन होने लगती है। साथ ही बोलने में भी परेशानी हो सकती है। ऐसे में आप डॉक्टर की मदद लेने से पहले कुछ प्राकृतिक उपायों का भी सहारा लिया जा सकता है। आइए जानें ऐसे ही कुछ प्राकृतिक उपायों के बारे में।

2. गरारे
गले में खराश के लिए गर्म पानी में नमक डालकर गरारे करना बहुत आसान और असरदार उपाय हैं। नमक मिला गर्म पानी गले में इंफेक्शन की वजह से आयी सूजन को कम कर आराम पहुंचाता है। जल्द राहत पाने के लिए बेहतर होगा कि आप हर तीन घंटे में गरारे करें। गरारे करने के तुरन्त बाद किसी ठंडे पदार्थ का सेवन न करें। गुनगुने पानी में सिरका डालकर गरारे करने से भी गले के रोग में आराम मिलता है।


3. शहद वाली चाय
शहद वाली चाय पीने से गले मे खराश के दौरान होने वाले दर्द से राहत मिलती है। कई शोधों में भी यह बात साबित हुई है कि शहद में बैक्टीरिया से लड़ने वाले तत्व पाए जाते हैं, जो गले की खराश में फायदेमंद होते हैं।

4. मुनक्का
जिन लोगों को गले में निरंतर खराश या फिर एलर्जी के कारण गले में तकलीफ बनी रहती है। तो सुबह-शाम दोनों वक्त चार-पांच मुनक्का बीजों को खूब चबाकर खा ला लें। दस दिनों तक निरंतर ऐसा करें। लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि ऊपर से पानी ना पिएं।


5. हर्बल चाय
काली मिर्च, तुलसी व लौंग से बनी चाय पीने से गले में खराश की समस्या में आराम मिलता है। इन प्राकृतिक औषधियों से बनी गर्म चाय की चुस्कियों से गले को काफी राहत मिलती है, साथ ही यह चाय शरीर के लिए नुकसानदेह भी नहीं होती है।

6. हल्दी वाला दूध
अदरक को पीस कर उसमें थोड़ी सी हल्दी और चाय पत्ति डालकर दूध में उबाल लें। दूध तब तक उबालें जब तक हल्दी पक ना जाएं। फिर इसे कप में लेकर चाय की चुस्कियां लेते हुए पिएं। इससे गले में खराश में काफी राहत मिलेगी।


7. तरल पदार्थ
गले में खराश होने पर कुछ भी खाना-पीना आसान नहीं होता है लेकिन बेहतर होगा कि अगर आप थोड़ी-थोड़ी देर में कुछ गर्म तरल पदार्थ लेते रहें। और कुछ भी नहीं तो आप थोड़ी-थोड़ी देर में गर्म पानी पीते रहें। इससे आपके गले की सिकाई होगी और आपको आराम मिलेगा।

8. मुलहठी
मुलहठी गले में खराश के लिए रामबाण होता हैं। सोते समय मुलहठी की छोटी सी गांठ मुख में रखकर कुछ देर चबाये। सुबह तक गला साफ हो जायेगा। मुलहठी को अगर पान के पत्ते में रखकर लिया जाय तो और भी अच्छा रहता है। इससे सुबह गले में खराश दूर होने के साथ-साथ गले का दर्द और सूजन भी दूर होती है।

9. काली मिर्च
गले की खराश को दूर करने के लिए रात को सोते समय काली मिर्च और बताशे चबाकर सो जायें। बताशे न मिलें तो काली मिर्च व मिश्री मुंह में रखकर धीरे-धीरे चूसते रहने से भी बैठा गला खुल जाता है।


10. अंजीर
नाशपाती के आकार का अंजीर बहुत ही स्वादिष्ट और फायदेमंद फल है। अंजीर में पाया जाने वाला सोडियम, पोटेशियम, कैल्शियम, आयरन, तांबा, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस, सल्फर, फाइबर और क्लोरिन स्वास्थ के लिए बहुत ही लाभदायक होते है। पानी में 5 अंजीर को डालकर उबाल लें और इसे छानकर इस पानी को गर्म-गर्म सुबह और शाम को पीने से खराब गले में लाभ होता है।



Home Tips for Daily Life - दैनिक जीवन के लिए घरेलू उपचार




1. प्याज के रस को गुनगुना करके कान में डालने से कान का दर्द ठीक होता है।

2. प्रतिदिन 1 अखरोट और 10 किशमिश बच्चों को खिलाने से बिस्तर में पेशाब करने की समस्या दूर होती है।

3. टमाटर के सेवन से चिढ़चिढ़ापन और मानसिक कमजोरी दूर होती है।यह मानसिक थकान को दूर करमस्तिस्क को तंदरुस्त बनाये रखता है।इसके सेवन से दांतो व् हड्डियों की कमजोरी भी दूर होती है.

4. तुलसी के पत्तो का रस,अदरख का रस और शहद बराबर मात्रा में मिलाकर 1-1चम्मच की मात्रा में दिन में 3से4 बार सेवन करने से सर्दी,जुखाम व् खांसी दूर होती है।

5. चाय की पट्टी की जगह तेज पत्ते की चाय पीने से सर्दी, जुखाम ,छींके आनानाक बहना ,जलन व् सरदर्द में शीघ्र आराम मिलता है।

6. रोज सुबह खाली पेट हल्का गर्म पानी पीने से चेहरे में रौनक आती है वजन कम होता है, रक्त प्रवाह संतुलित रहता है और गुर्दे ठीक रहते है।

7. पांच ग्राम दालचीनी ,दो लवंग और एक चौथाई चम्मच सौंठ को पीसकर 1 लीटर पानी में उबाले जब यह 250 ग्राम रह जाए तब इसे छान कर दिन में 3 बार पीने से वायरल बुखार में आराम मिलता है।

8. पान के हरे पत्ते के आधे चम्मच रस में 2 चम्मच पानी मिलाकर रोज नाश्ते के बाद पीने सेपेट के घाव व् अल्सर में आराम मिलता है।

9. मूंग की छिलके वाली दाल को पकाकर यदि शुद्ध देशी घी में हींग-जीरे का तड़का लगाकर खाया जाए तो यह वात, पित्त, कफ तीनो दोषो को शांत करती है।

10. भोजन में प्रतिदिन 20 से 30 प्रतिशत ताजा सब्जियों का प्रयोग करने से जीर्ण रोग ठीक होता है उम्र लंबी होती है शरीर स्वस्थ रहता है।

11. भिन्डी की सब्जी खाने से पेशाब की जलन दूर होती है तथा पेशाब साफ़ और खुलकर आता है।

12. दो तीन चम्मच नमक कढ़ाई में अच्छी तरह सेक कर गर्म नमक को मोटे कपडे की पोटली में बांधकर सिकाई करने से कमर दर्द में आराम मिलता है।

13. हरी मिर्च में एंटी आक्सिडेंट होता है जो की शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता हैऔर कैंसर से लड़ने में मदद करता है इसमें विटामिन c प्रचुर मात्रा में होता है जो की प्राकृतिक प्रतिरक्षा में सुधार करता है।

14. मखाने को देसी घी में भून कर खाने से दस्तो में बहुत लाभ होता है इसके नियमित सेवन से रक्त चाप , कमर दर्द, तथा घुटने के दर्द में लाभ मिलता है।

15. अधिक गला ख़राब होने पर 5 अमरुद के पत्ते 1 गिलास पानी में उबाल कर थोड़ी देर आग पर पका ठंडा करके दिन में 4 से 5 बार गरारे करने से शीघ्र लाभ होता है।

16. आधा किलो अजवाइन को 4 लीटर पान में उबाले 2 लीटर पानी बचने पर छानकर रखे, इसे प्रतिदिन भोजन के पहले 1 कप पीने से लिवर ठीक रहता है एवशराब पीने की इच्छा नहीं होती.।

17. नीम की पत्तियो को छाया में सुखा कर पीस लें . इस चूर्ण में बराबर मात्रा में कत्थे का चूर्ण मिला ले।इस चूर्ण को मुह के छालो पर लगाकर टपकाने से छाले ठीक होते है।

18. प्रतिदिन सेब का सेवन करने से ह्रदय,मस्तिस्क तथा आमाशय को समान रूप से शक्ति मिलती है तथा शरीर की कमजोरी दूर होती है।

19. 20से 25 किशमिश चीनी मिटटी के बर्तन में रात को भिगो कर रख दें।सुबह इन्हें खूब चबा कर खाने से लो ब्लड प्रेसर में लाभ मिलता है व् शरीर पुष्ट होता है।

20. अमरुद में काफी पोषक तत्व होते है .इसके नियमित सेवन से कब्ज दूर होती है और मिर्गी, टाईफाइड , और पेट के कीड़े समाप्त होते है।

Sexual Weakness Treatment

परेशान आज का युवा खान-पान और मिलावटी सामान के सेवन से नपुंसकता (Impotence ) जैसी घातक बीमारियों से जूझ रहा है आये दिन हमें कई लोगो के इसकी जानकारी के लिए प्रश्न आते है इस प्रकार के नवजवानों के लिए आयुर्वेद द्वारा एक विशेष चूर्ण का निर्मार्ण करके आप लाभ ले सकते है एक बार इस्तेमाल करके इस दिव्य चूर्ण का लाभ अवस्य उठाये - बस आप इसे घर पे सारी सामग्री लाके निर्माण करे - बाजार में हो सकता है आपको सही प्राप्त न हो सके और फिर आपका विश्वास आयुर्वेद से न उठ जाए -

कैसे बनाये (How to make it ):-
कोंच के बीज शुद्ध- 50 ग्राम
असगंध- 50 ग्राम
विदारीकन्द- 50 ग्राम
मूसली- 50 ग्राम
मोचरस- 50 ग्राम
गोखरू- 50 ग्राम
जायफल- 50 ग्राम
उडद की दाल- 50 ग्राम (घी में भुनी हुई )
बंशलोचन- 50 ग्राम
सेमर के फूल- 50 ग्राम
खरेंटी- 50 ग्राम
सतावर- 50 ग्राम
भांग- 50 ग्राम ( पानी से धुली और फिर सुखाई हुई )
मिश्री- 700 ग्राम

आप बाजार में आयुर्वेद पंसारी से लाई गई उपरोक्त सभी उपरोक्त सामान को कूटकर छान ले ओर आपस में मिक्स करके कांच के बर्तन में ढक्कन लगाकर रख ले -

मात्रा और अनुपान (Volume and dose ):-
आप इसे प्रातः और रात्री में सोने से एक घंटा पहले 3-6 ग्राम पानी से या गाय के दूध से ले-

गुण ओर उपयोग (Properties and use ):-
आपके शरीर के लिए यह चूर्ण पोष्टिक रसायन है इसके सेवन से बल ओर वीर्य की वृद्धि होती है- अत्यधिक स्त्री प्रसंग या किशोरावस्था में अप्राकृतिक ढंग से वीर्य का ज्यादा दुरूपयोग करने से वीर्य पतला हो जाता है तथा शुक्रवाहिनी शिराएं भी कमजोर हो जाती है ओर फिर वे वीर्य धारण करने में सफल नहीं हो पाती है - जिसके परिणाम स्वरूप स्वप्नदोष-शीघ्रपतन-वीर्य का पतला पन-पेशाब के साथ ही वीर्य निकल जाना आदि विकार उत्पन्न हो जाते है इन विकारों को दूर करने के लिए आप इस चूर्ण का उपयोग करना आपके लिए हितकर है-
निम्नांकित फायदे होते हैं:-

यह रसायन के गुण से युक्त है आपकी धातु की रक्षा करता है वीर्य (Semen ) की वृधि करके आपको सामर्थवान बनाने में सक्षम है ये शरीर की पुष्टता बढाता है एक बाजीकरण योग (Vajikrn yoga ) है स्त्री सम्भोग के लिए वीर्य के उत्पादन को बढाता है इसलिए कमजोर व्यक्ति को एक बार अवस्य ही इसका प्रयोग करके इसके गुणों को जांचना और परखना चाहिए क्युकी ये किसी वरदान से कम नहीं है -

डायबिटीज (Diabetes ) के रोगियों के लिये यह चूर्ण किसी वरदान से कम नही है तथा डायबिटीज के रोगियों की सम्भोग अथवा मैथुन (Sexual intercourse ) करने की क्षमता कमजोर हो जाती है तो आप इस चूर्ण के सेवन करने से डायबिटीज के रोगियों को दो तरफा फायदा होता है इससे प्रमेह (Gonorrhea ) की शिकायत भी दूर होती है-

जिनका वीर्य (semen ) हस्त मैथुन (Masturbation ) या अन्य अप्राकृतिक तरीके अपनाने के बाद पानी जैसा पतला हो गया हो , इस चूर्ण के सेवन करने से वीर्य शुद्ध होकर गाढ़ा और प्राकृतिक हो जाता है-

जिनके वीर्य में कोई भी विकृति हो , शुक्राणु कम हों या स्पेर्म न बन रहे हों , उन्हें इस औशधि का उपयोग जरूर करना चाहिये-

इस चूर्ण को सभी प्रकार के शुक्र दोषों (dyspermatism ) में उपयोग किया जा सकता है-
शरीर की साधारण स्वास्थ्य सुरक्षित रखने और शक्ति संचार को स्थाई बनाये रखने के लिये तथा कु-पोषणसे पीड़ित रोगियों के लिये यह एक लाभकारी औषधि है-

नोट :- आप के लिए पूरे जाड़े में सेवन करने के लिए उपयुक्त चूर्ण है ..! गर्मी में इसकी मात्रा आधी ले और दूध आधा लीटर गाय का हो तो उत्तम है -

The Medicinal Value of Pomegranate Peels

अनार के छिलकों का औषधीय महत्त्व



बवासीर (अर्श) :
• 10 ग्राम अनार के छिलके का चूर्ण बनाकर इसमें 100 ग्राम दही मिलाकर खाने से बवासीर ठीक हो जाती है या अनार के छिलकों का चूर्ण 8 ग्राम, ताजे पानी के साथ प्रतिदिन सुबह-शाम प्रयोग करें।
अनार के छिलकों का चूर्ण नागकेशर के साथ मिलाकर सेवन करने से बवासीर में खून का बहना बंद होता है। अनार का रस पीने से भी बवासीर में लाभ होता है।

अतिसार
3-6 ग्राम अनार के जड़ की छाल या अनार के छिलके का चूर्ण शहद के साथ दिन में 3 बार देना चाहिए। इससे अतिसार नष्ट हो जाता है।

• अनार फल के छिलके के 2-3 ग्राम चूर्ण का सुबह-शाम ताजे पानी के साथ प्रयोग करने से अतिसार तथा आमातिसार में लाभ होता है।

• अनार का छिलका 20 ग्राम को 1 लीटर पानी में उबालकर काढ़ा बनाकर रख लें, फिर इसी बने काढ़े को छानकर पीने से अतिसार (दस्त) में खून का आना बंद हो जाता है।

• अनार के छिलके 50 ग्राम को लगभग 1.2 मिलीलीटर दूध की मात्रा में डालकर धीमी आग पर रख दें, जब दूध 800 मिलीलीटर बच जाये इसे एक दिन में 3 से 4 बार खुराक के रूप में पीने से अतिसार यानी दस्त समाप्त हो जाते हैं।

नकसीर
अनार के छिलके को छुहारे के पानी के साथ पीसकर लेप करने से सूजन में तथा इसके सूखे महीन चूर्ण को नाक में टपकाने से नकसीर में लाभ होता है।

खांसी 
अनार की सूखी छाल पांच ग्राम बारीक पीसकर कपड़े से छानकर उसमें 0.10 ग्राम कपूर भी मिला लें। यह चूर्ण दिन में 2 बार पानी में मिलाकर पीने से भयंकर बिगड़ी हुई हठीली खांसी भी दूर हो जाती है।

स्वप्नदोष :
• अनार के सूखे पीसे हुए छिलके के बारीक चूर्ण को 1 चम्मच की मात्रा में रात को सोने से पहले ठंडे पानी के साथ फंकी के रूप में लेने से सोते समय पुरुष के शिश्न से धातु का आना (स्वप्नदोष) बंद हो जाता है।

• अनार का पिसा हुआ छिलका 5-5 ग्राम सुबह-शाम पानी से लें।

• अनार के छिलके का रस शहद के साथ रोजाना सुबह-शाम लेने से स्वप्नदोष दूर हो जाता है।

अत्यधिक मासिक स्राव :
• अनार के सूखे छिलके पीसकर छान लें। इस चूर्ण को 1 चम्मच भर की मात्रा में दिन में 2 बार सेवन करने से रक्तस्राव बंद हो जाता है।

• शरीर के किसी भी भाग से खून निकल रहा हो, उसे रोकने में भी इस विधि का उपयोग किया जा सकता है।

• अनार के थोड़े से छिलकों को सुखा लेते हैं। फिर उसका चूर्ण बनाकर शीशी में भरकर रखें, फिर इसमें से एक चम्मच चूर्ण खाकर ऊपर से पानी पीने से बार-बार खून आने की शिकायत दूर हो जाती है।

विविध
सूखे अनार के छिलकों का चूर्ण दिन में ३-४ बार एक - एक चम्मच ताजा पानी के साथ लेने से बार बार पेशाब आने की समस्या ठीक हो जाती है,

अनार के छिलकों को पानी में उबाल कर उससे कुल्ला करने से श्वास की बदबू समाप्त हो जाती है,
खांसी में अनार के छिलके को मुँह में रखकर धीरे धीरे ३-४ बार चूसते रहने से लाभ मिलता है

अनार के छिलकों के एक चम्मच चूर्ण को कच्चे दूध और गुलाब जल में मिलाकर चेहरे पर लगाने से चेहरा दमक उठता है।

आधा चम्मच अनार के छिलकों के बारीक चूर्ण को शहद के साथ चाटने से लाभ होता है।

एनीमिया से परेशान लोगों के लिए, जल्दी खून बढ़ाने के आसान घरेलू तरीके

खून की कमी एक आम समस्या है जो पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं में अधिक देखी जाती है। जब खून में लाल रक्त कणिकाओं की कमी हो जाती है तो शरीर में हीमोग्लोबिन कम हो जाता है। हीमोग्लोबिन एक तरह का प्रोटीन होता है। यह शरीर में ऑक्सीजन के संचरण का काम करता है। इसकी कमी से एनीमिया नाम का रोग हो जाता है। एनीमिया मुख्य रूप से तीन तरह का होता है।
 
- खून की कमी से होने वाला एनीमिया।
- हेमोलाइसिस एनीमिया।
- लाल रक्त कणिकाओं के निर्माण में कमी के कारण होने वाला एनीमिया।
 
एनीमिया के कारण
- लौह तत्व की कमी।
- विटामिन बी 12 की कमी।
- फोलिक एसिड की कमी।
- मां के दूध पिलाने के कारण।
- बहुत ज्यादा खून की कमी होने पर।
- पेट में इन्फेक्शन के कारण।
- स्मोकिंग।
- एजिंग 
- कुछ दवाइयों के अधिक इस्तेमाल से।
 
एनीमिया के लक्षण
1. ज्यादा सुस्ती आना।
2. थकान।
3. अस्वस्थता।
4. सांस लेने में दिक्कत।
5. घबराहट।
6. सर्दी के प्रति ज्यादा संवेदनशील होना।
7. पैरों और हाथों में सूजन।
8. क्रॉनिक हार्ट बर्न।
9. ज्यादा पसीना आना।
10. स्टूल में खून आना।





नुस्खेशहदशहद कई बीमारियों में दवा का काम करता है। एनीमिया के रोगियों के लिए भी यह बहुत लाभदायक होता है। 100 ग्राम शहद में 0.42 मि.ग्रा. आयरन होता है। इसीलिए इसके सेवन से खून की कमी दूर हो जाती है।

कैसे लें शहदएक नींबू के रस को एक गिलास पानी में मिलाएं। इसके बाद एक चम्मच शहद मिलाएं। रोज इस तरह एक गिलास नींबू पानी का सेवन करने से बहुत जल्दी खून बढ़ता है। 


पालकपालक की सब्जी एनीमिया में दवा की तरह काम करती है। इसमें कैल्शियम, विटामिन , बी9, विटामिन और विटामिन सी, फाइबर और बीटा केरोटीन पाया जाता है। आधा कप उबले पालक में 3.2 मि.ग्रा. आयरन पाया जाता है। यह एक ही बार में किसी महिला के शरीर में 20 प्रतिशत आयरन की पूर्ति करने में सक्षम है।
 
कैसे खाएं पालकहरी सब्जियों में पालक डालें। साथ ही, सलाद के रूप में भी इसका सेवन किया जा सकता है। पालक को उबालकर उसका सूप भी बनाया जा सकता है। इसका सूप पीने से बहुत जल्दी खून बढ़ता है।



चुकंदरचुकंदर को एनीमिया में एक रामबाण दवा माना जाता है। यह लौह तत्व से भरपूर होता है। चुकंदर ब्लड सेल्स को एक्टिव कर देता है। इसीलिए एनीमिया से परेशान लोगों को अपनी डेली डाइट में थोड़ा चुकंदर जरूर शामिल करना चाहिए।

कैसे खाएं चुकंदरचुकंदर को शिमला मिर्च, गाजर, टमाटर में मिलाकर सब्जी बनाई जा सकती है।
- इसके अलावा चुकंदर को सलाद के रूप में या जूस बनाकर लिया जा सकता है।



पीनट बटर-  पीनट बटर प्रोटीन का एक अच्छा सोर्स है। इसीलिए पीनट बटर को अपनी डेली डाइट में शामिल करने की कोशिश करें। रोज पचास ग्राम मूंगफली खाने से भी एनीमिया दूर होता है। दो चम्मच पीनट बटर में 0.6 मि.ग्रा. आयरन पाया जाता है।
 
कैसे खाएं पनीर बटर- रोज सुबह ब्रेड पर पीनट बटर लगाकर खाएं। इसके बाद संतरे का जूस पीने से शरीर आयरन को बहुत जल्दी अब्जॉर्ब कर लेता है।
- किसी चीज में मिलाकर भी इसका सेवन किया जा सकता है।



टमाटरटमाटर में भरपूर मात्रा में विटामिन सी और लाइकोपिन पाया जाता है। इसमें मौजूद विटामिन सी आयरन को अब्जॉर्ब करने में मदद करता है। साथ ही, इसमें बीटा केरोटीन और विटामिन पाया जाता है। इसीलिए ये शरीर के लिए नेचुरल कंडिशनर का भी काम करता है।
 
कैसे खाएं टमाटरटमाटर को सलाद के रूप में खाया जा सकता है।
- इसके अलावा, जूस या सूप बनाकर पीना भी सेहत के लिए अच्छा होता है।



सोयाबीनसोयाबीन आयरन और विटामिन से भरपूर होता है। इसे खाने से शरीर को लो फैट के साथ ही भरपूर मात्रा में आयरन मिलता है। इसीलिए यह एनीमिया के पेशेन्ट्स के लिए बहुत लाभदायक होता है।

कैसे खाएं सोयाबीन- सोयाबीन का उपयोग करने से पहले उन्हें रात में गुनगुने पानी में भिगो दें। फिर धूप में सुखा लें।
- इसे चपाती के आटे के साथ पिसवा कर उपयोग में लाना चाहिए।
- इसके अलावा सोयाबीन को उबालकर भी सेवन किया जा सकता है।



 गुड़एक चम्मच गुड़ में 3.2 मि.ग्रा. आयरन होता है। इसीलिए एनीमिया से ग्रस्त लोगों को रोज 100 ग्राम गुड़ जरूर खाना चाहिए। 

कैसे खाएं गुड़गुड़ के सेवन में यह बात जरूर ध्यान रखना चाहिए कि वह पुराना हो।
- खाने के बाद थोड़ा-सा गुड़ खाने से भी एनीमिया दूर होता है।


 
साबुत अनाज के ब्रेडसाबुत अनाज ब्रेड की एक स्लाइस से रोजाना शरीर के लिए जरूरी आयरन का 6 प्रतिशत तक मिल जाता है।

कैसे खाएं साबुत अनाज की ब्रेडरोज नाश्ते में अगर आप साधारण ब्रेड खाते हैं तो उसे साबुत अनाज की ब्रेड से रिप्लेस कर दें।
- आयरन की कमी पूरी करने के लिए रोज कम से कम दो से तीन साबुत अनाज की ब्रेड खाएं। 





मेवेएनीमिया के पेशेन्ट्स को मेवे जरूर खाना चाहिए। मेवों से शरीर में आयरन का लेवल तेजी से बढ़ता है।

कौन से मेवे खाएंपिस्ता सबसे बेहतरीन ड्राय फ्रूट है, जिससे शरीर को पर्याप्त मात्रा में आयरन मिलता है।

अखरोटरोज थोड़ा अखरोट खाना भी एनीमिया के रोगियों के लिए बहुत लाभदायक होता है।

सेब और खजूरसेब और खजूर, दोनों में ही पर्याप्त मात्रा में आयरन पाया जाता है।
- सेब के अंदर मौजूद विटामिन सी आयरन को अब्जॉर्ब करने में मदद करता है।
- 100 ग्राम सेब में .12 प्रतिशत आयरन पाया जाता है।
- रोज एक सेब और दस खजूर खाने से एनीमिया दूर हो जाता है।