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थायराइड को कंट्रोल करने के लिए अपनाएं ये घरेलू उपाय

आज के समय में थायराइड एक आम समस्या बन गई है। थायराइड असंतुलित हार्मोन, अस्वस्थ खानपान, तनाव और आयोडिन की कमी के कारण भी होती हैं। पुरुषों से ज्यादा यह समस्या महिलाओं में अधिक देखने को मिलती है। थायराइड दो तरह का होता है हाइपोथायरायिज्म और हाइपरथायरायडिज्म। थायराइड ग्लैंड हमारी गर्दन के पिछले हिस्से में होती है और यह हमारे शरीर के मेटाबॉलिज्म को कंट्रोल करता है। लेकिन कई बार यह प्रोसेस धीमा हो जाता है और थायराइड की समस्या हो जाती है। थायराइड होने पर वजन तेजी से बढ़ने लगता है, बाल झड़ते है, कमजोरी का अनुभव होता, बहुत पसीना आता है, पीरियड्स में अनियमितता और हार्ट बीट तेज होना थायराइड के लक्षण हैं। अक्सर थायराइड होने पर लोग इसको कंट्रोल करने के लिए दवाइयों का सेवन शुरू कर देते हैं। लेकिन आपको बता दें, दवाइयों के सेवन के साथ इसे घरेलू उपायों से भी कंट्रोल किया जा सकता हैं।  घरेलू उपायों के बारे में जानने के लिए हमने बात की शारदा क्लीनिक के फिजिशियन डॉक्टर केपी सरदाना से।

नारियल तेल

नारियल तेल थायरॉयड ग्रंथि के बेहतर कामकाज करने में मदद करते हैं। नारियल का तेल, वजन कम करने में मदद करता है, चयापचय बढ़ाता है और शरीर के तापमान को संतुलित करता है। इसका सेवन करने के लिए खाने बनाने में इसका उपयोग करें। 

सेब का सिरका

सेब का सिरका हार्मोन के संतुलित उत्पादन करने में मदद करता है। इसके सेवन से शरीर का मेटाबॉलिज्म तेज होता है, वजन कम होता है और शरीर से विषाक्त पदार्थ आसानी से बाहर निकलते हैं। इसके नियमित सेवन से पोषक तत्वों के अवशोषण में भी मदद मिलती है। इसका सेवन करने के लिए रोज सुबह इसे 1 गिलास पानी में 1 चम्मच सेब का सिरका और शहद को मिलाकर लें।

अदरक

अदरक के सेवन से थायराइड को कंट्रोल किया जा सकता है। अदरक में पोटेशियम और मैग्नीशियम पाए जाते हैं, जो शरीर की सूजन को कम करने के साथ इम्यूनिटी को बढ़ाते हैं। अदरक का सेवन करने के लिए इसकी चाय या इसे खाने में डालकर खाया जा सकता है।

विटामिन बी

थायराइड की समस्या को दूर करने के लिए विटामिन बी का सेवन बहुत जरूरी होता है। विटामिन बी का सेवन करने के लिए डाइट में अंडे, मांस, मछली, फलियां, दूध और अखरोट को शामिल करें। विटामिन बी के सेवन से शरीर हेल्दी रहने के साथ कई बीमारियां भी दूर होती हैं।

विटामिन डी

विटामिन डी की कमी से थायराइड की समस्या हो सकती है। रोज दिन भर में कोशिश करें कि सुबह की 15 मिनट की धूप लें। ऐसा करने से कैल्शियम का अवशोषण भी बेहतर होगा और रोग प्रतिरोधक क्षमता भी अच्छी होगी। शरीर में विटामीन डी की कमी को पूरा करने के लिए संतरे का रस और अंडे की जर्दी का सेवन किया जा सकता हैं।

थायराइड को कंट्रोल करने के लिए इन घरेलू उपायों को किया जा सकता हैं। हालांकि, इन उपायों को करने से पहले डॉक्टर की राय अवश्य लें।

सर्दियों में सरल और आसान घरेलू नुस्खे जो बलगम वाली खांसी और सीने की जकड़न से दिलाए राहत

cold and cough
सर्दी के मौसम में जुकाम और खांसी की समस्या आम होती है। ठंड के मौसम में लोगों को सूखी खांसी के बजाय बलगम वाली खांसी की समस्या ज्यादा होती है। इस तरह की खांसी में व्यक्ति को खांसी तो आती ही है, साथ ही बलगम या म्यूकस भी आता है। बलगम वाली खांसी होने पर सीना भारी लगता है और छाती में जकड़न महसूस होती है। ये खांसी आपको सुबह के समय ज्यादा परेशान कर सकती है। आमतौर पर सीने में बलगम के ज्यादा जमा हो जाने के कारण ऐसी समस्या होती है। इसी के कारण नाक से पानी या म्यूकस भी निकलने लगता है। इन सामान्य समस्याओं में दवा का सेवन करने से बेहतर है कि आप कुछ घरेलू उपाय अपनाएं, जो प्राकृतिक होने के कारण नुकसानदायक भी नहीं हैं।

सीने को भाप से सेकें
सीने की जकड़न और खांसी की समस्या में गर्म भाप बहुत फायदेमंद होती है। इससे नाक का रास्ता खुल जाता है और सांस लेने में होने वाली परेशानी दूर हो जाती है। इसके लिए एक बड़े बर्तन में पानी को ढककर खूब गर्म कर लें, ताकि बर्तन में ढेर सारी भाप बन जाए। अब एक तौलिये को सिर के ऊपर डालकर खुद को ढकें और बर्तन का ढक्कन खोलकर पानी के भाप को सीने और नाक पर लें। अगर आपके घर में थोड़ा सा पिपरमिंट हो, या यूकेलिप्टस का तेल हो, तो उसे इस पानी में डालें। ये सादे पानी की अपेक्षा ज्यादा फायदेमंद होगा।

अदरक की चाय पिएं
खांसी-जुकाम की समस्या में अदरक की चाय एक बेहद आसान घरेलू नुस्खा है। पुराने समय में दादी-नानी इसी नुस्खे से सर्दी की इन आम समस्याओं को ठीक कर लेती थीं। अदरक में ढेर सारे एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं। इसमें एंटीबैक्टीरियल, एंटी-इंफ्लेमेट्री गुण भी होते हैं। इसके अलावा अदरक में मौजूद खास एंटीऑक्सीडेंट 'जिंजेरॉल' शरीर की रोग प्रतिरोधक बढ़ाता है। खांसी-जुकाम की समस्या होने पर आप एक पैन में पानी गर्म करें और इसमें 1/4 चम्मच चाय पत्ती डालें और एक छोटा टुकड़ा अदरक कूटकर या काटकर डालें। इसे 5 मिनट तक पकाएं और फिर गर्मा-गर्म पिएं। आप चाहें तो इस चाय को बनाते समय 5-6 तुलसी की पत्तियां डाल सकते हैं और मिठास के लिए 1 चम्मच शहद मिला सकते हैं।

शहद का करें इस्तेमाल
सीनों से आधे घंटे पहले एक या डेढ़ चम्मच आर्गेनिक शहद खा लें। इससे भी आपके सीने में जमा कफ निकल जाएगी और खांसी की समस्या से जल्द ही राहत मिल जाएगी। शहद में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं, इसलिए ये बैक्टीरिया को मारता है और शरीर को डिटॉक्स करता है। असली शहद खाने से आप सर्दी, जुकाम और खांसी की समस्या से छुटकारा पा सकते हैं।

पानी पीने में न चूकें
हमारे शरीर के लिए रोजाना पर्याप्त मात्रा में पानी पीना बहुत जरूरी है। कई बार पानी की कमी होने पर भी शरीर में कई तरह की बीमारियां हो जाती हैं। जुकाम या कफ की समस्या हो जाने पर आमतौर पर लोगों को प्यास कम लगती है या पानी पीने में अच्छा नहीं लगता है। मगर ऐसी स्थिति में आपको कम से कम 2.5 से 3 लीटर पानी रोजाना पीना बहुत जरूरी है। पानी पीने से शरीर के बैक्टीरिया और वायरस पेशाब के बाहर निकल जाते हैं। इसलिए बीमार होने पर आपको पानी जरूर पीते रहना चाहिए।

गुनगुने पानी से नहाएं
सीने में जमे कफ को बाहर निकालने के लिए गुनगुने पानी से नहाना भी एक अच्छा विकल्प है। मगर यदि आपको बुखार है, तो आपको नहाना नहीं चाहिए। इसके अलावा यह भी ध्यान रखें कि पानी गुनगुना हो, बहुत अधिक गर्म नहीं। नहाने के दौरान अपने सीने पर गुनगुना पानी डालें। इससे जमी हुई कफ हट जाएगी और आपका सीना खुल जाएगा। मगर यह ध्यान रखें कि तबीयत खराब होने की स्थिति में आपको बहुत ज्यादा देर तक नहीं नहाना चाहिए। इसलिए 5-7 मिनट में जल्दी से नहाकर बाहर आ जाएं।

खून की कमी से होने वाले लक्षण और दूर करने के घरेलू नुस्खे


आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में अपनी हेल्थ का ध्यान रखना कठिन हैं। अगर सही और संतुलित भोजन नही किया जाये तो शरीर को बीमारियां जकड़ लेती हैं। हमारे शरीर में दो तरह की रक्त कोशिकांए होती है,सफेद और लाल। ऐसे में जब लाल रक्त कोशिकांए कम होती है तब शरीर में खून की कमी हो जाती है। इसे RBC रेड ब्लड सेल्स भी कहा जाता है, जिससे एनीमिया हो जाता है। खून की कमी के लक्षण खून की कमी कोई आम रोग नहीं है। इस रोग में रोगी के शरीर में खून की कमी हो जाती है और इसकी वजह से दूसरे रोग भी पैदा हो जाते हैं। पोषक तत्वों की कमी ब्लीडिंग, एजिंग, फॉलिक एसिड की कमी, स्मोकिंग ज्यादा करने से, विटामिन बी-12 की कमी से, आयरन की कमी से,घाव का जल्दी न भरना, हीमोग्लोबिन कम होने के लक्षण, जल्दी थकान होना, घबराहट होना,चक्कर और उल्टी आना, पीरियड्स के दौरान अधिक दर्द होना, घाव का जल्दी न भरना, त्वचा का फीका, पीला दिखना, तलवे और हथेलियों का ठंडा पड़ना, शरीर में तापमान की कमी होना, सीने और सिर में दर्द होना, आंखों के नीचे काले घेरे होना, छाती में जलन होना यह सभी खून की कमी के लक्षण होते हैं। 

खून की कमी को दूर करने के घरेलु नुस्खे 

1. अनार (Pomegranate):  एक अनार हमें सौ बीमारियों से लड़ने की क्षमता देता है, जो आयरन और अन्य खनिज पदार्थों जैसे कैल्शियम और मैग्नीशियम से भरपूर होता है। इसमें विटामिन सी भी होता है जो शरीर को आयरन के अवशोषण में मदद करता है। खून का स्तर बढाने के लिए डाक्टर सबसे पहले अनार खाने के लिए कहते है। अनार शरीर में खून की कमी को बहुत ही जल्दी कम कर देता है। इसलिए इसके सेवन से रेड ब्लड सेल्स और हीमोग्लोबिन की मात्रा बढ़ती है।
    • एक कप अनार के जूस में दो चम्मच शहद और एक चौथाई चम्मच दालचीनी का पाउडर मिलाएं। इसे रोज अपने नाश्ते के साथ सेवन करें।
    • आप रोज सुबह एक मध्यम आकार के अनार का सेवन भी कर सकते हैं।
 2. टमाटर (Tomoto):  टमाटर को हम रोज खाते है, लेकिन आप में से बहुत कम लोग इसके फायदे के बारे में जानते है। हर दिन दो टमाटर काटकर उन पर काली मिर्ची और सेंधा नमक छिड़क कर खाने से खून तेजी से बनता है। 
3. चुकंदर (Beetroot):  आयरन की कमी के कारण होने वाले एनीमिया में चुकंदर अत्यधिक फायदेमंद होता है। इसमें आयरन, फाइबर, कैल्शियम, पोटैशियम, सल्फर और विटामिन भरपूर मात्रा में होते हैं। ये शरीर में खून की मात्रा बढ़ाने का रामबाण इलाज है। इसके साथ ही यह शरीर को पोषण प्रदान करता है, उसे साफ़ रखता है और अंगों तक पर्याप्त ऑक्सीजन पहुँचाने में मदद करता है। इसके फलस्वरूप शरीर में रेड ब्लड सेल्स बढ़ने लगते हैं।
  • एक मध्यम आकार के चुकंदर को तीन गाजर और आधे शकरकंद के साथ काट लें। अब इन्हें जूसर में डालकर जूस तैयार करें। इस जूस का सेवन रोज एक बार करें।
  • आप चुकंदर को सब्जी या सलाद के रूप में भी इस्तेमाल कर सकते हैं। अधिक फायदा लेने के चुकंदर को छिलके के साथ सेवन करें
4. खजूर (Dates): खजूर में आयरन और विटामिन सी भरपूर रूप में पाया जाता है। विटामिन सी शरीर में आयरन के अवशोषण में मदद करता है।
    • रात को एक कप दूध में दो खजूर डुबोकर रख दें। सुबह खाली पेट इन खजूरों को खा लें और दूध को पी लें।
    • इसके आलावा आप सुबह खाली पेट सूखे खजूरों का सेवन भी कर सकते हैं।
5.सोयाबीन (Soybean):  सोयाबीन में भरपूर रूप से आयरन और विटामिन की मात्रा होती हैं, सोयाबीन का आटा लेकर थोड़ा गेहूं के आटे के साथ मिलाकर रोटी बना कर इसका सेवन कर सकते हैं या फिर इसकी सब्जी बनाकर भी इसका सेवन कर सकते हैं।

Home remedies for Sore Throat

1. गले में खराश
बदलते मौसम में गले में खराश होना आम बात है। खराश से आपके गले में चुभन होने लगती है। साथ ही बोलने में भी परेशानी हो सकती है। ऐसे में आप डॉक्टर की मदद लेने से पहले कुछ प्राकृतिक उपायों का भी सहारा लिया जा सकता है। आइए जानें ऐसे ही कुछ प्राकृतिक उपायों के बारे में।

2. गरारे
गले में खराश के लिए गर्म पानी में नमक डालकर गरारे करना बहुत आसान और असरदार उपाय हैं। नमक मिला गर्म पानी गले में इंफेक्शन की वजह से आयी सूजन को कम कर आराम पहुंचाता है। जल्द राहत पाने के लिए बेहतर होगा कि आप हर तीन घंटे में गरारे करें। गरारे करने के तुरन्त बाद किसी ठंडे पदार्थ का सेवन न करें। गुनगुने पानी में सिरका डालकर गरारे करने से भी गले के रोग में आराम मिलता है।


3. शहद वाली चाय
शहद वाली चाय पीने से गले मे खराश के दौरान होने वाले दर्द से राहत मिलती है। कई शोधों में भी यह बात साबित हुई है कि शहद में बैक्टीरिया से लड़ने वाले तत्व पाए जाते हैं, जो गले की खराश में फायदेमंद होते हैं।

4. मुनक्का
जिन लोगों को गले में निरंतर खराश या फिर एलर्जी के कारण गले में तकलीफ बनी रहती है। तो सुबह-शाम दोनों वक्त चार-पांच मुनक्का बीजों को खूब चबाकर खा ला लें। दस दिनों तक निरंतर ऐसा करें। लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि ऊपर से पानी ना पिएं।


5. हर्बल चाय
काली मिर्च, तुलसी व लौंग से बनी चाय पीने से गले में खराश की समस्या में आराम मिलता है। इन प्राकृतिक औषधियों से बनी गर्म चाय की चुस्कियों से गले को काफी राहत मिलती है, साथ ही यह चाय शरीर के लिए नुकसानदेह भी नहीं होती है।

6. हल्दी वाला दूध
अदरक को पीस कर उसमें थोड़ी सी हल्दी और चाय पत्ति डालकर दूध में उबाल लें। दूध तब तक उबालें जब तक हल्दी पक ना जाएं। फिर इसे कप में लेकर चाय की चुस्कियां लेते हुए पिएं। इससे गले में खराश में काफी राहत मिलेगी।


7. तरल पदार्थ
गले में खराश होने पर कुछ भी खाना-पीना आसान नहीं होता है लेकिन बेहतर होगा कि अगर आप थोड़ी-थोड़ी देर में कुछ गर्म तरल पदार्थ लेते रहें। और कुछ भी नहीं तो आप थोड़ी-थोड़ी देर में गर्म पानी पीते रहें। इससे आपके गले की सिकाई होगी और आपको आराम मिलेगा।

8. मुलहठी
मुलहठी गले में खराश के लिए रामबाण होता हैं। सोते समय मुलहठी की छोटी सी गांठ मुख में रखकर कुछ देर चबाये। सुबह तक गला साफ हो जायेगा। मुलहठी को अगर पान के पत्ते में रखकर लिया जाय तो और भी अच्छा रहता है। इससे सुबह गले में खराश दूर होने के साथ-साथ गले का दर्द और सूजन भी दूर होती है।

9. काली मिर्च
गले की खराश को दूर करने के लिए रात को सोते समय काली मिर्च और बताशे चबाकर सो जायें। बताशे न मिलें तो काली मिर्च व मिश्री मुंह में रखकर धीरे-धीरे चूसते रहने से भी बैठा गला खुल जाता है।


10. अंजीर
नाशपाती के आकार का अंजीर बहुत ही स्वादिष्ट और फायदेमंद फल है। अंजीर में पाया जाने वाला सोडियम, पोटेशियम, कैल्शियम, आयरन, तांबा, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस, सल्फर, फाइबर और क्लोरिन स्वास्थ के लिए बहुत ही लाभदायक होते है। पानी में 5 अंजीर को डालकर उबाल लें और इसे छानकर इस पानी को गर्म-गर्म सुबह और शाम को पीने से खराब गले में लाभ होता है।



कुछ घरेलू आसान तरीके मोच और सूजन से निजात पाने के लीऐ


पहला प्रयोगः लकड़ी-पत्थर आदि लगने से आयी सूजन पर हल्दी एवं खाने का चूना एक साथ पीसकर गर्म लेप करने से अथवा इमली के पत्तों को उबालकर बाँधने से सूजन उतर जाती है।

दूसरा प्रयोगः अरनी के उबाले हुए पत्तों को किसी भी प्रकार की सूजन पर बाँधने से तथा 1 ग्राम हाथ की पीसी हुई हल्दी को सुबह पानी के साथ लेने से सूजन दूर होती है।

तीसरा प्रयोगः मोच अथवा चोट के कारण खून जम जाने एवं गाँठ पड़ जाने पर बड़ के कोमल पत्तों पर शहद लगाकर बाँधने से लाभ होता है।

चौथा प्रयोगः जामुन के वृक्ष की छाल के काढ़े से गरारे करने से गले की सूजन में फायदा होता है। सूजन में करेले का साग लाभप्रद है।

भीतरी चोट -

पहला प्रयोगः 1 से 3 ग्राम हल्दी और शक्कर फाँकने और नारियल का पानी पीने से तथा खाने का चूना एवं पुराना गुड़ पीसकर एकरस करके लगाने से भीतरी चोट में तुरंत लाभ होता है।

दूसरा प्रयोगः 2 कली लहसुन, 10 ग्राम शहद, 1 ग्राम लाख एवं 2 ग्राम मिश्री इन सबको चटनी जैसा पीसकर, घी डालकर देने से टूटी हुई अथवा उतरी हुई हड्डी जल्दी जुड़ जाती है।

तीसरा प्रयोगः बबूल के बीजों का 1 से 2 ग्राम चूर्ण दिन शहद के साथ लेने से अस्थिभंग के कारण दूर हुई हड्डी वज्र जैसी मजबूत हो जाती है।

कम उम्र में बाल सफेद हो जाए तो ये करने से फिर से काले हो जाएंगे

कम उम्र में बालों का सफेद होना आजकल एक आम समस्या बनती जा रही है। वैसे तो इस समस्या के कई कारण हो सकते हैं लेकिन सामान्यत: बालों के कम उम्र में सफेद होने के मुख्य कारण पोषक तत्वों में कमी व अनुवांशिक हो सकते हैं। इसीलिए बालों की सफेदी जहां खूबसूरती में ग्रहण लगाती है वहीं यह हमारी शारीरिक कमजोरी को भी प्रदर्शित करती है। अगर आप भी कम उम्र में बालों की सफेदी से परेशान हैं तो आजमाएं ये आसान घरेलू उपाय...

- बाल सफेद होने की कई वजह होती हैं जैसे हॉर्मोनल इम्बैलंस, स्ट्रेस, बीमारी, हैरिडिटी और बॉडी में विटामिंस की कमी। इनसे बचने के लिए आपको प्रोटीन रिच डाइट लेनी चाहिए। वहीं, मेथी के बीजों का पाउडर, कॉफी, बेसिल जूस और मिंट जूस बालों में लगाने से फायदा होगा। इसे बालों में तीन घंटा लगाने के बाद धो दें।सफेद बालों को कभी भी तोड़ें नहीं, ऐसा करने से ये ज्यादा संख्या में बढ़ते हैं। सफेद बाल निकालना हों तो कैंची से काट दें या उन्हें काला करने वाला उपाय अपनाएं। नींबू के रस से सिर में मालिश करने से बालों का पकना, गिरना दूर हो जाता है। नींबू के रस में पिसा हुआ सूखा आंवला मिलाकर सफेद बालों पर लेप करने से बाल काले होते हैं। घी खाएं और बालों के जड़ों में घी मालिश करें। रोजाना गाजर का जूस पीने से भी बाल स्वस्थ रहते हैं।

- एक छोटी कटोरी मेहँदी पावडर लें, इसमें दो बड़े चम्मच चाय का पानी, दो चम्मच आँवला पावडर, शिकाकाई व रीठा पावडर, एक चम्मच नीबू का रस, दो चम्मच दही, एक अंडा (जो अंडा न लेना चाहें वे न लें), आधा चम्मच नारियल तेल व थोड़ा-सा कत्था। यह सामग्री लोहे की कड़ाही में रात को भिगो दें। सुबह हाथों में दस्ताने पहनकर बालों में लगाएँ, त्वचा को बचाएँ, ताकि रंग न लगने पाए। दो घंटे बाद धो लें।

- भृंगराज की जड़ें बालों के लिए वरदान मानी जाती हैं। इनका पेस्ट नारियल के तेल के साथ बालों की जड़ों में लगाएं और 1 घंटे बाद गुनगुने पानी से अच्छी तरह से बाल धो लें। कुछ दिनों तक, नहाने से पहले रोज सिर में प्याज का पेस्ट लगाएं। ये भी बालों के लिए फायदेमंद है।

- अगर बाल सफेद हो या बाल झड़ते हों तो तिल खाएं व तिल का तेल बालों में लगाएं। तुरई के टुकड़े कर उसे सूखा कर कूट लें। फिर कूटे हुए मिश्रण में इतना नारियल तेल डालें कि वह डूब जाएं। इस तरह चार दिन तक उसे तेल में डूबोकर रखें फिर उबालें और छान कर बोतल भर लें। इस तेल की मालिश करें। बाल काले होंगे। मेथी भी बालों को सफेद होने से रोकती है। गेहूं के पौधे यानी जवारे का रस पीने से भी बाल कुछ समय बाद काले हो जाते हैं।

सर्दी जुकाम खांसी को ऐसे दें शिकस्त

सर्दियों का मौसम आम तौर पर स्वास्थ्य के लिए अच्छा माना जाता है, किंतु यदि आप कफ विकार से ग्रस्त है तो इससे आप सर्दियों के पूरे मौसम में जुकाम-खासी व सांस रोग से परेशान हो सकते हैं। प्रस्तुत हैं, इन तकलीफों से निजात पाने के उपाय


-ठडा पानी या ठडे पेय लेने के बजाय गुनगुना पानी पिएं। अदरक डालकर सब्जियों का सूप पिएं।

-तेज भूख लगने पर ही भोजन करे, क्योंकि कम भूख या भूख के बगैर भोजन लेने से हाजमा सही नहीं होगा और कफ बनेगा।

-गेहू के आटे में चौथाई या आधी मात्रा में चने का आटा मिलाकर रोटी बनाएं। यदि चावल खाना है, तो उसमें काली मिर्च, तेज पत्ता आदि गर्म मसाला मिलाएं।

-भोजन खूब चबाकर करें और भूख से थोड़ा कम खाएं।

-कब्ज न रहने दें। इसके लिए प्रात: गर्म पानी पीकर व्यायाम करने के बाद शौच जाएं।

-दिन में तीन से चार बार सरसों का या बादाम का तेल 4-5 बूंद नाक में डालकर कफ निकालें।

-नासिका क्षेत्र में मैग्नेट का साउथ पोल 5 मिनट तक घुमाने से साइनोसाइटिस में लाभ मिलता है।

-पीठ की ओर से गर्म पानी की थैली से सुबह शाम सेंक करने से फेफड़ों की सर्दी बहुत जल्दी दूर हो जाती है।

सावधानिया

-रात को बायीं करवट सोएं।

-कानों में ठडी हवा का झोंका न लगे, इसके लिये कान में रुई लगाए रखें।

-अगर आप 'जलनेति' करते हैं, तो उसके बाद विरेचन प्राणायाम करे।

-खुले पैर घास में न टहले।

-ठंडे खाद्य व पेय पदार्थ ग्रहण न करें।

ये 4 काम करेंगे तो चश्मा नहीं लगेगा

ऑफिस में लगातार कम्प्यूटर स्क्रीन के सामने रहने के कारण या लगातार टी.वी. देखने के कारण आंखों में कई तरह की समस्याएं हो सकती है। आंखों में किसी भी तरह की समस्या के होने का एक मुख्य कारण आंखों की ठीक से देखभाल न करना है।आंखें हमारे शरीर का बहुत संवेदनशील अंग है और यदि इसका ध्यान रखा जाए तो आंखों को हमेशा चश्मे से आजाद व बीमारियों से बचाकर रखा जा सकता है।


- आंखों में जलन होना, कम दिखाई देना, आंखों में जाले आना आदि ऐसी समस्याएं हैं जो आगे जाकर गंभीर रूप धारण कर सकती हैं। इसीलिए जब भी आंखों में इस तरह की कोई तकलीफ ज्यादा महसूस हो तो डॉक्टर के पास जरूर जाएं। साथ ही रोजाना मुंह में पानी भर कर दिन में दो बार 25-50 बार आंखों पर पानी का छींटा मारें और अपनी आंखों का चेकअप दो-तीन महीने में करवाते रहें।

- चश्मा न लगे व आंखे स्वस्थ रहें इसके लिए कुछ सावधानियां रखना भी जरुरी है। जैसे आंखों का मेकअप, काजल, तौलिए से रगड़ कर छुड़ाने का प्रयास ना करें। आंखो मे कोई दवा बिना परामर्श के न डालें। लेटकर टी.वी. न देखे,अंधेरे मे टी.वी. न देखें। यदि इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखेंगे तो आंखे लंबी उम्र तक हेल्दी रहेंगी।

- चिंता, तनाव, अनिद्रा से बचें।आंखों में जलन हो या धूप से आए हो तो बर्फ के पानी की पट्टियां रखें। आंखों को फ्रे श रखने के लिए खीरे के रस में भिगोकर रुई फ्रिज में रखें। दोपहर को सोते समय आंखों पर रखें। गुलाब जल में रुई भिगो कर आंख पर रखें। सुबह ऑफिस आने से पहले उपयोग किए गए दो टी-बैग्स फ्रिज में रखना न भूलें और जब आप घर जाएं तो इन टी-बैग्स को आंखों पर कुछ मिनिटों के लिए रखें। यह आपकी थकी हुई आंखों को आराम देने के साथ-साथ उनकी सूजन भी कम करेगा। इसके अलावा धूप में जाएं तो सनग्लॉसेस लगाना न भूलें।

- आंखों को स्वस्थ रखने के लिए खान-पान पर भी विशेष ध्यान देने की जरुरत होती है।अपने भोजन मे विटामिन ए व सी से भरपूर मात्रा मे ले हरी पत्तेदार सब्जियां, टमाटर, चिकन और दुग्ध उत्पादों को भी अपने आहार में शामिल करेंं।इससे आंखों की रोशनी तो बढ़ती ही है। साथ ही कम उम्र में चश्मा नहीं लगता व आंखों की कोई भी बीमारी होने की संभावना बहुत कम हो जाती है।


जवान बने रहने के कुछ बेहद खास प्राचीन तरीके - Special ancient ways to stay Young

हमेशा जवान रहना हर इंसान चाहता है, लेकिन इसके लिए कोशिश बहुत कम लोग करते हैं। दरअसल, हमेशा जवान बने रहना चाहे सबका ख्वाब हो पर इस सपने को साकार करने के लिए आयुर्वेद के अनुसार जिन नियमों का पालन करना होता है उन्हें कम ही लोग जानते हैं। आज हम आपको बताने जा रहे हैं उन्हीं नियमों के बारे में जिनका पालन कर हमारे ऋषि-मुनि हमेशा स्वस्थ और जवां बने रहते थे।


- रोजाना सुबह जल्दी उठने के अनेक फायदे हैं। हमारे प्राचीन ग्रंथों में ऋषि-मुनियों ने कहा है सुबह जल्दी उठने से कई बीमारियां दूर रहती है व शरीर सेहतमंद रहता है। इसलिए अगर आप चाहते हैं कि आप लंबी उम्र तक स्वस्थ रहें व ताउम्र जवान दिखाई दें तो रोजाना सुबह जल्दी उठने की तो आदत डालें ही साथ ही कुछ देर योगा या प्राणायाम भी जरूर करें।

- रोजाना रात को अपने सिरहाने एक तांबे के लोटे या तांबे के किसी दूसरे बर्तन में पानी भरकर जरूर रखें। सुबह जब नींद खुले तो सबसे पहले तांबे के लोटे या ताम्बे के बर्तन में रखा पानी पीएं। ऐसा करने से पेट साफ रहता है। गैस व एसिडिटी की शिकायत नहीं होती है साथ ही स्किन भी ग्लो करने लगती है।
- खाना् -खाने से एक घंटा पहले व एक घंटे बाद पानी न पीएं। नाश्ता या भोजन हमेशा भूख से थोड़ा कम करें और ज्यादा तले-भूने व मिर्च मसालेदार खाने से परहेज करें। भोजन के साथ-साथ पानी पीने की आदत छोड़ दें। भोजन से तुरंत पहले या तुरंत बाद में पानी पीने की आदत शरीर के लिए अच्छी नहीं होती है। ऐसा करने से कई तरह की हेल्थ प्रॉब्लम्स हो सकती है इसीलिए हमेशा यंग दिखने के लिए दिनभर में कम से कम आठ गिलास पानी जरुर पीएं व खाने के एक घंटा पहले व एक घंटा बाद पानी पीने से बचें।




4 Tips for Shining Your Face in Winter - सर्दियों में अपना चेहरा चमकाने के लिए Tips

मौसम के बदलाव का सबसे ज्यादा फर्क स्किन पर दिखाई पड़ता है। अक्सर ज्यादा ठंड में स्किन की देखभाल पर ज्यादा ध्यान नहीं देने पर स्किन रूखी व डल दिखाई पड़ती है। मौसम के प्रभाव के कारण चेहरे की चमक गायब हो जाती है,चेहरा काला पड़ जाता है। ऐसे में चेहरे की चमक को बरकरार रखने की चिंता सताने लगती है। इसलिए ठंड के मौसम में बेफिक्र रहना है तो अपनाइए ये घरेलू नुस्खें....

- पेट साफ रहे तो त्वचा की समस्याएं नहीं होती है। पेट का हाजमा ठीक न हो तो चेहरे पर कील-मुंहासे हो सकते हैं। इसीलिए स्किन को स्वस्थ रखने के लिए कब्ज को दूर करना बहुत जरुरी है। पेट साफ करने के लिए प्रतिदिन सुबह-सुबह गुनगुने पानी में शहद की कुछ बूंदे डालकर पीएं। इससे कील-मुंहासे की समस्या समाप्त हो जाएगी।

-दो छोटे चम्मच बेसन में आधी छोटी चम्मच हल्दी मिलाकर खूब फेंटें। फिर इस लेप में दस बूंद गुलाब जल व दस बूंद नींबू मिलाकर खूब फेंटे। स्नान से पूर्व इस लेप को चेहरे पर मलें। ऑयली स्किन वालों को चेहरे पर मुल्तानी मिट्टी का उपयोग करना चाहिए। केवल दही लगाकर चेहरा धोएं तो स्किन ग्लो करने लगती है और चेहरे पर मौसम का प्रभाव नहीं दिखाई पड़ता है।

- बार-बार ठंडे पानी से चेहरा धोते रहें। साबुन या फेसवॉश का प्रयोग कम से कम ही करें। अपना टॉवेल अलग रखें।चेहरे की गंदगी और धूल-मिट्टी साफ करने के लिए टमाटर के टुकड़े चेहरे पर धीरे-धीरे रगड़ें। यदि आपके चेहरे पर दाग-धब्बे पड़ गए हैं तो नींबू के छिलके पर थोड़ी सी चीनी डालें और फिर छिलके को दाग-धब्बे वाले स्थान पर धीरे-धीरे रगड़ें।

- पानी ज्यादा पीएं। रोजाना कम से कम दस गिलास पानी पीएं क्योंकि पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से शरीर से विषैले पदार्थ बाहर निकल जाते हैं और त्वचा स्वस्थ और चमकदार बनती है। अधिक पानी पीने से त्वचा पर झुर्रिया नहीं पड़ती हैं।