सर्दियों में सरल और आसान घरेलू नुस्खे जो बलगम वाली खांसी और सीने की जकड़न से दिलाए राहत

cold and cough
सर्दी के मौसम में जुकाम और खांसी की समस्या आम होती है। ठंड के मौसम में लोगों को सूखी खांसी के बजाय बलगम वाली खांसी की समस्या ज्यादा होती है। इस तरह की खांसी में व्यक्ति को खांसी तो आती ही है, साथ ही बलगम या म्यूकस भी आता है। बलगम वाली खांसी होने पर सीना भारी लगता है और छाती में जकड़न महसूस होती है। ये खांसी आपको सुबह के समय ज्यादा परेशान कर सकती है। आमतौर पर सीने में बलगम के ज्यादा जमा हो जाने के कारण ऐसी समस्या होती है। इसी के कारण नाक से पानी या म्यूकस भी निकलने लगता है। इन सामान्य समस्याओं में दवा का सेवन करने से बेहतर है कि आप कुछ घरेलू उपाय अपनाएं, जो प्राकृतिक होने के कारण नुकसानदायक भी नहीं हैं।

सीने को भाप से सेकें
सीने की जकड़न और खांसी की समस्या में गर्म भाप बहुत फायदेमंद होती है। इससे नाक का रास्ता खुल जाता है और सांस लेने में होने वाली परेशानी दूर हो जाती है। इसके लिए एक बड़े बर्तन में पानी को ढककर खूब गर्म कर लें, ताकि बर्तन में ढेर सारी भाप बन जाए। अब एक तौलिये को सिर के ऊपर डालकर खुद को ढकें और बर्तन का ढक्कन खोलकर पानी के भाप को सीने और नाक पर लें। अगर आपके घर में थोड़ा सा पिपरमिंट हो, या यूकेलिप्टस का तेल हो, तो उसे इस पानी में डालें। ये सादे पानी की अपेक्षा ज्यादा फायदेमंद होगा।

अदरक की चाय पिएं
खांसी-जुकाम की समस्या में अदरक की चाय एक बेहद आसान घरेलू नुस्खा है। पुराने समय में दादी-नानी इसी नुस्खे से सर्दी की इन आम समस्याओं को ठीक कर लेती थीं। अदरक में ढेर सारे एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं। इसमें एंटीबैक्टीरियल, एंटी-इंफ्लेमेट्री गुण भी होते हैं। इसके अलावा अदरक में मौजूद खास एंटीऑक्सीडेंट 'जिंजेरॉल' शरीर की रोग प्रतिरोधक बढ़ाता है। खांसी-जुकाम की समस्या होने पर आप एक पैन में पानी गर्म करें और इसमें 1/4 चम्मच चाय पत्ती डालें और एक छोटा टुकड़ा अदरक कूटकर या काटकर डालें। इसे 5 मिनट तक पकाएं और फिर गर्मा-गर्म पिएं। आप चाहें तो इस चाय को बनाते समय 5-6 तुलसी की पत्तियां डाल सकते हैं और मिठास के लिए 1 चम्मच शहद मिला सकते हैं।

शहद का करें इस्तेमाल
सीनों से आधे घंटे पहले एक या डेढ़ चम्मच आर्गेनिक शहद खा लें। इससे भी आपके सीने में जमा कफ निकल जाएगी और खांसी की समस्या से जल्द ही राहत मिल जाएगी। शहद में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं, इसलिए ये बैक्टीरिया को मारता है और शरीर को डिटॉक्स करता है। असली शहद खाने से आप सर्दी, जुकाम और खांसी की समस्या से छुटकारा पा सकते हैं।

पानी पीने में न चूकें
हमारे शरीर के लिए रोजाना पर्याप्त मात्रा में पानी पीना बहुत जरूरी है। कई बार पानी की कमी होने पर भी शरीर में कई तरह की बीमारियां हो जाती हैं। जुकाम या कफ की समस्या हो जाने पर आमतौर पर लोगों को प्यास कम लगती है या पानी पीने में अच्छा नहीं लगता है। मगर ऐसी स्थिति में आपको कम से कम 2.5 से 3 लीटर पानी रोजाना पीना बहुत जरूरी है। पानी पीने से शरीर के बैक्टीरिया और वायरस पेशाब के बाहर निकल जाते हैं। इसलिए बीमार होने पर आपको पानी जरूर पीते रहना चाहिए।

गुनगुने पानी से नहाएं
सीने में जमे कफ को बाहर निकालने के लिए गुनगुने पानी से नहाना भी एक अच्छा विकल्प है। मगर यदि आपको बुखार है, तो आपको नहाना नहीं चाहिए। इसके अलावा यह भी ध्यान रखें कि पानी गुनगुना हो, बहुत अधिक गर्म नहीं। नहाने के दौरान अपने सीने पर गुनगुना पानी डालें। इससे जमी हुई कफ हट जाएगी और आपका सीना खुल जाएगा। मगर यह ध्यान रखें कि तबीयत खराब होने की स्थिति में आपको बहुत ज्यादा देर तक नहीं नहाना चाहिए। इसलिए 5-7 मिनट में जल्दी से नहाकर बाहर आ जाएं।

खून की कमी से होने वाले लक्षण और दूर करने के घरेलू नुस्खे


आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में अपनी हेल्थ का ध्यान रखना कठिन हैं। अगर सही और संतुलित भोजन नही किया जाये तो शरीर को बीमारियां जकड़ लेती हैं। हमारे शरीर में दो तरह की रक्त कोशिकांए होती है,सफेद और लाल। ऐसे में जब लाल रक्त कोशिकांए कम होती है तब शरीर में खून की कमी हो जाती है। इसे RBC रेड ब्लड सेल्स भी कहा जाता है, जिससे एनीमिया हो जाता है। खून की कमी के लक्षण खून की कमी कोई आम रोग नहीं है। इस रोग में रोगी के शरीर में खून की कमी हो जाती है और इसकी वजह से दूसरे रोग भी पैदा हो जाते हैं। पोषक तत्वों की कमी ब्लीडिंग, एजिंग, फॉलिक एसिड की कमी, स्मोकिंग ज्यादा करने से, विटामिन बी-12 की कमी से, आयरन की कमी से,घाव का जल्दी न भरना, हीमोग्लोबिन कम होने के लक्षण, जल्दी थकान होना, घबराहट होना,चक्कर और उल्टी आना, पीरियड्स के दौरान अधिक दर्द होना, घाव का जल्दी न भरना, त्वचा का फीका, पीला दिखना, तलवे और हथेलियों का ठंडा पड़ना, शरीर में तापमान की कमी होना, सीने और सिर में दर्द होना, आंखों के नीचे काले घेरे होना, छाती में जलन होना यह सभी खून की कमी के लक्षण होते हैं। 

खून की कमी को दूर करने के घरेलु नुस्खे 

1. अनार (Pomegranate):  एक अनार हमें सौ बीमारियों से लड़ने की क्षमता देता है, जो आयरन और अन्य खनिज पदार्थों जैसे कैल्शियम और मैग्नीशियम से भरपूर होता है। इसमें विटामिन सी भी होता है जो शरीर को आयरन के अवशोषण में मदद करता है। खून का स्तर बढाने के लिए डाक्टर सबसे पहले अनार खाने के लिए कहते है। अनार शरीर में खून की कमी को बहुत ही जल्दी कम कर देता है। इसलिए इसके सेवन से रेड ब्लड सेल्स और हीमोग्लोबिन की मात्रा बढ़ती है।
    • एक कप अनार के जूस में दो चम्मच शहद और एक चौथाई चम्मच दालचीनी का पाउडर मिलाएं। इसे रोज अपने नाश्ते के साथ सेवन करें।
    • आप रोज सुबह एक मध्यम आकार के अनार का सेवन भी कर सकते हैं।
 2. टमाटर (Tomoto):  टमाटर को हम रोज खाते है, लेकिन आप में से बहुत कम लोग इसके फायदे के बारे में जानते है। हर दिन दो टमाटर काटकर उन पर काली मिर्ची और सेंधा नमक छिड़क कर खाने से खून तेजी से बनता है। 
3. चुकंदर (Beetroot):  आयरन की कमी के कारण होने वाले एनीमिया में चुकंदर अत्यधिक फायदेमंद होता है। इसमें आयरन, फाइबर, कैल्शियम, पोटैशियम, सल्फर और विटामिन भरपूर मात्रा में होते हैं। ये शरीर में खून की मात्रा बढ़ाने का रामबाण इलाज है। इसके साथ ही यह शरीर को पोषण प्रदान करता है, उसे साफ़ रखता है और अंगों तक पर्याप्त ऑक्सीजन पहुँचाने में मदद करता है। इसके फलस्वरूप शरीर में रेड ब्लड सेल्स बढ़ने लगते हैं।
  • एक मध्यम आकार के चुकंदर को तीन गाजर और आधे शकरकंद के साथ काट लें। अब इन्हें जूसर में डालकर जूस तैयार करें। इस जूस का सेवन रोज एक बार करें।
  • आप चुकंदर को सब्जी या सलाद के रूप में भी इस्तेमाल कर सकते हैं। अधिक फायदा लेने के चुकंदर को छिलके के साथ सेवन करें
4. खजूर (Dates): खजूर में आयरन और विटामिन सी भरपूर रूप में पाया जाता है। विटामिन सी शरीर में आयरन के अवशोषण में मदद करता है।
    • रात को एक कप दूध में दो खजूर डुबोकर रख दें। सुबह खाली पेट इन खजूरों को खा लें और दूध को पी लें।
    • इसके आलावा आप सुबह खाली पेट सूखे खजूरों का सेवन भी कर सकते हैं।
5.सोयाबीन (Soybean):  सोयाबीन में भरपूर रूप से आयरन और विटामिन की मात्रा होती हैं, सोयाबीन का आटा लेकर थोड़ा गेहूं के आटे के साथ मिलाकर रोटी बना कर इसका सेवन कर सकते हैं या फिर इसकी सब्जी बनाकर भी इसका सेवन कर सकते हैं।

लगाएं दूध और शहद का मास्‍क त्‍वचा में तुरंत निखार पाए



दूध में शहद मिलाकर पीना हमारी सेहत के लिए बेहद ही फायदेमंद होता है। यह बात तो लगभग हम सभी जानते हैं, लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि शहद और दूध आपकी त्‍वचा की समस्‍याओं के लिए भी बेहद फायदेमंद होता है। दूध एक बेहतरीन क्लींजर है जिससे हम त्वचा को साफ कर सकते है। दूध विटामिन ए, डी, बी-6, बी-12, कैल्शियम, प्रोटीन जैसे विटामिन और पोषक तत्वों से युक्त है। ये मिनरल्स त्वचा के टिश्‍यु में सुधार लाते है जिससे कोलेजन की मात्रा बढ़ जाती है और त्वचा को नमी मिलती है। साथ ही शहद, चेहरे के लिए सबसे अच्‍छा प्रोडक्‍ट है। इसे लगाने से चेहरे पर प्राकृतिक निखार आता है और त्‍वचा का रूखापन दूर होता है। अगर आपकी त्‍वचा बहुत ही सेंसटिव है तो शहद बहुत ही मददगार हो सकता है।



त्‍वचा के लिए दूध और शहद का मास्‍क ही क्‍यों?

सोचो अगर दूध और शहद को मिला दिया जाये तो शहद और दूध में मौजूद तत्‍व त्‍वचा की रंगत को निखारने के साथ उसे चमकदार और स्‍वस्‍थ बनाने में भी मदद करती है। चेहरे पर दूध और शहद से बने मास्‍क के इतने सारे फायदे हो सकते हैं, जिनके बारे में आप अंदाजा भी नहीं लगा सकतीं। शहद, चेहरे के लिए सबसे अच्‍छा प्रोडक्‍ट होता है। इसे लगाने से चेहरे पर प्राकृतिक निखार आता है और त्‍वचा का रूखापन भी चला जाता है। आइए जानें दूध और शहद का मास्‍क त्‍वचा के लिए कैसे फायदेमंद होता है।

बेहतर क्लीन्जर
कच्चा दूध का एक उत्कृष्ट क्‍लीन्‍जर है। यह बात तो हम सभी जानते हैं, लेकिन कच्‍चे दूध में शहद को मिक्‍स करने से यह जादुई सा असर करता है। इसके लिए कच्‍चे दूध में थोड़ा सा शहद मिलाकर कॉटन की मदद से चेहरे पर लगाकर पांच मिनट लगाने के बाद धो लें। नियमित रूप से ऐसा करने से आपकी त्‍वचा कोमल और साफ होने लगेगी।

त्‍वचा को चमकदार बनाएं
शहद और दूध में मौजूद एंटीऑक्‍सीडेंट शरीर के साथ त्‍वचा के लिए भी बेहद फायदेमंद होते हैं। शहद और दूध से बना मास्‍क त्‍वचा पर लगाने से तुरंत चमक आ जाती है। ऑफिस में पूरा दिन काम करने के बाद इसके इस्‍तेमाल से आप फ्रेश दिखने लगते है। साथ ही नियमित रूप से शहद और दूध के मास्‍क से चेहरे की टैनिंग भी दूर होने लगती है। विटामिन, मिनरल और प्रोटीन से भरपूर होने के कारण त्‍वचा की रंगत निखारने में भी मदद करता है।

दाग धब्‍बे मिटाएं
यह शहद और दूध के महत्वपूर्ण लाभ में से एक है। यह चेचक के निशान सहित कई प्रकार के निशान को हटाने के रूप में जाना जाता है। अगर आपके चेहरे पर मुंहासे या चेचक के दाग पडे़ हुए हैं तो, इस मास्‍क के नियमित रूप पर लगाने से गायब होने लगेंगे।

झुर्रियों को दूर करें
अगर आप अपने चेहरे से झुर्रियों को दूर करना चाहते हैं तो शहद और दूध से बना फेस पैक इस समस्‍या में आपकी मदद कर सकते है। इसके लिए दोनों को बराबर मात्रा में मिलाकर चेहरे पर लगा लें।

मुंहासों का इलाज करें
अगर आपको मुंहासों की समस्‍या है तो शहद और दूध से बने इस पेस्‍ट को जरूर इस्‍तेमाल करें। इस मास्‍क को नियमित रूप से लगाने से यह आपकी त्‍वचा के लिए चमत्‍कार के रूप में काम करता है और मुंहासों को इलाज करने में मदद करता है।

जानिए इलायची खाने के फायदे, क्यों है सेहतमंद



इलायची एक सुगंधित मसाला है। इसका इस्‍तेमाल खाने में स्वाद और खुशबू बढ़ाने के साथ-साथ माउथ फ्रेशनर के रुप में भी किया जाता है। लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि दिन में सिर्फ 1 इलायची खाने से आप कई तरह की स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं से भी बच सकते हैं। य‍कीन नहीं आ रहा तो आइए इस आर्टिकल के माध्‍यम से दिन में 1 इलायची खाने के फायदों के बारे में जानें।

इलायची में आयरन, जिंक, राइबोफ्लेविन, सल्‍फर, विटामिन सी और नियासिन पाया जाता है। जो हर तरह से हमारे शरीर के लिए फायदेमंद होते है। साथ ही साथ यह कई सारी बीमारियों से हमारे शरीर को लड़ने में मदद करता है। वैसे तो इलायची खाने के फायदों की एक लंबी चौड़ी लिस्‍ट मौजूद है लेकिन आज हम आपको इसके कुछ खास फायदों के बारे में जानकारी देगें।



केवल '1 इलायची' खाने के फायदे
  • जिनकी सांसों से दुर्गंध आती है वह लोग रोजाना सिर्फ एक इलायची खाकर अपनी सांसों की दुर्गंध को दूर कर सकते हैं। क्‍योंकि इसमें बहुत सारे एंटी-बैक्‍टीरियल गुण होते हैं जो हमारे मुंह के अंदर मौजूद बैक्‍टीरिया को जड़ से खत्‍म कर देता है। इसलिए मुंह से आने वाली गंध, सांस की बदबू, मुंह के छाले, मसूडो मे दर्द या सूजन आदि मे बहुत अधिक लाभ देती है।
  • इलायची रेड ब्लड सेल्स के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यह शरीर से विषैले तत्‍वों को बाहर कर फ्री रेडिकल्‍स का मुकाबला करती है।
  • यह हमारी पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है। पाचन तंत्र में मौजूद किसी भी प्रकार की समस्‍या को खत्‍म करता है। इलायची प्राकृतिक रूप से गैस को खत्म करती है। यह पाचन को बढ़ाने, पेट की सूजन को कम करने व दिल की जलन को खत्म करने का काम करती है। अगर आपको पाचन तंत्र से जुड़ी कोई भी समस्‍या है तो रोजाना एक इलायची का सेवन करें।
  • सर्दी के मौसम में बहुत सारे लोगों को सर्दी जुकाम और गले में खराश की शिकायत रहती है। अगर आप रात को खाना खाने के बाद सिर्फ एक इलायची अच्‍छे से चबाकर खाते हैं और ऊपर से गुनगुना पानी पीते हैं तो निश्चित रूप से आपकी यह समस्‍या दूर हो जाती है। इस उपाय को करने के बाद आपको किसी भी एलोपैथी दवा लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
  • इलायची से कोलेस्‍ट्रॉल भी कम किया जा सकता है। अगर आप रोजाना ए‍क इलायची को अच्‍छे से चबा-चबाकर खाते हैं तो यह हृदय संबधी रोगो मे लाभ मिलता है। यह हमारे ब्‍लड सर्कुलेशन को नियंत्रित करता है जिससे शरीर की बीमारियां दूर हो जाती है खासतौर पर दिल की धमनियों पर जमा वसा को दूर करता है।
  • इसके अलावा इलायची हमारे पैरो की सूजन, पेट के दर्द, हाजमा, एसीडिटी, सिर दर्द और रक्तचाप को नियंत्रित करता है साथ ही खून की कमी को भी पूरा करता है।
विशेष याद रखने वाली बात

आपको इलायची खाते समय यह सावधानी रखनी होगी कि इसे केवल 1 ही खाये और खाने के बाद इसे अच्‍छी तरह चबाए और कोशिश करें कि इसे खाना खाने के बाद खाए।

डायबीटिज से बचाव के प्राकृतिक उपचार


ड़ायबीटिज एक बहुत हीं खतरनाक बीमारी है लेकिन अगर आप प्राकृतिक उपायों से इस पर नियंत्रण कर सके तो मधुमेह से आपको घबराने की जरुरत नहीं है। डायबीटिज को समझें और उसका उपचार करें। निम्न कुछ प्राकृतिक उपचार से आप ड़ायबीटिज पर नियंत्रण पा सकते हैं।


  • दालचीनी: अध्ययन से पता चलता है कि दालचीनी मधुमेह को नियंत्रित करने में बहुत हीं महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। दालचीनी लगभग हर घर में पाया जाता है। यह हानिकारक कोलेस्ट्रोल को कम करता है और आपके शरीर में रक्त शर्करा कि मात्रा को भी घटाता है जिससे मधुमेह के रोगियों को बहुत हीं लाभ पहुँचता है। दालचीनी भले हीं मधुमेह का प्राकृतिक उपचार करने में सहायक सिद्ध होता है लेकिन इसका अत्यधिक सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे लाभ कि बजाये नुकसान हो सकता है। आप दालचीनी पीस लें और चुटकी भर चाए में उबालकर दिन में एक दो बार पिया करें। जो लोग मधुमेह के शिकार हो चुके हैं और उसके लिए दवाइयां ले रहे हैं वे दालचीनी का उपयोग करने से पहले अपने डॉक्टर कि सलाह अवश्य लें। लेकिन जिन्हें मधुमेह नहीं हुआ है या जो अब तक मधुमेह कि दवाइयां नहीं ले रहे हैं वे अगर दालचीनी का नियमित रूप से सेवन करें तो वे ड़ायबिटिज के शिकार होने से बच सकते हैं।

  • अंजीर के पत्ते: अंजीर के पत्ते कई प्रकार के रोगों के उपचार में लाभ पहुंचाते हैं जैसे ब्रोंकाइटिस, जननांग मौसा, लीवर सिरोसिस, उच्च रक्तचाप इत्यादि। लेकिन मधुमेह के इलाज के लिए अंजीर के पत्ते सर्वश्रेष्ठ माने जाते हैं। अंजीर के पत्तों से न सिर्फ मधुमेह का उपचार किया जाता है बल्कि ये पत्ते और भी कई बीमारियों में लाभ पहुंचाते है। इसके पत्ते को उबालकर, छानकर, पानी को ठंढा करके पीया करें।

  • आम के पत्ते: यूँ तो पका हुआ आम मधुमेह के मरीजों के लिए पूरी तरह से वर्जित होता है लेकिन इसके विपरीत आम के पत्ते मधुमेह के मरीजों को काफी लाभ पहुंचाते हैं। आप आम के कुछ ताजे पत्तों को एक ग्लास पानी में उबाल लें और रात भर उसे वैसे हीं छोड़ दें। सुबह होने पर पानी को स्वच्छ कपडे से छान लें और खाली पेट में पी लिया करें। ऐसा नियमित रूप से कई दिनों तक करने से ड़ायबीटीज के मरीजों को काफी फायदा पहुंचता है। यह मधुमेह के लिए एक बहुत हीं प्रभावी प्राकृतिक एवं घेरेलू उपाय है। 

  • मेथी के बीज: ड़ायबीटिज को प्राकृतिक रूप से नियंत्रित करने में मेथी के बीज भी बहुत हीं कारगर सिद्ध होते हैं। मेथी के बीज में कुछ ऐसे घटक छिपे होते हैं जो आपके शरीर के भीतर मौजूद रक्त शर्करा को कम करते हैं। इसमें ४ हाईड्रोओक्सीसोल्युसीन नामक अमीनो एसिड होता है। यह अमीनो एसिड आपके अग्न्याशय से इंसुलिन का स्राव उत्तेजित करते हैं जिसकी वजह से आपके रक्त में मौजूद शर्करा इंधन के रूप में बदल जाता है। इस तरह एक ओर जहाँ इस प्रक्रिया से आपको शक्ति एवं उर्जा मिलती है वही दूसरी ओर आपके शरीर में रक्त शर्करा की मात्रा कम होती है। मेथी के बीज में जेनटियानाइन, ट्रीगोनेलीन और कारपाइन नामक घटक भी पाए जाते हैं जो आपके भोजन से कार्बोहाईडरेट का अवशोषण धीमा करते हैं और आपके रक्त प्रवाह में ग्लूकोज की मात्रा घटाते हैं।

  • करेले का रस: ताजे करेले का रस भी ड़ायबीटिज को नियंत्रित करने का एक बहुत हीं प्रभावकारी प्राकृतिक उपचार है। एक छोटे से करेले का बीज निकाल लें और करेले का रस निकलकर रोजाना सुबह सुबह खाली पेट में पीया करें। यह आपके लीवर और अग्न्याशय को स्वस्थ रखता है जिससे कि इंसुलिन का उत्पादन सुचारू रूप से होता रहता है और आपके रक्त में रक्त शर्करा की मात्रा बढ़ने नहीं पाती।

पेट के लिए बेल से भी ज्यादा फायदेमंद हैं पपीते के पत्ते, जानें कैसे?


पेट और डाइजेशन फिट होना बहुत जरूरी होता है, क्‍यों कि जब तक आपका पेट सही नही होगा तब तक आप सेहतमंद नही हो सकते हैं। इसलिए बहुत जरूरी है कि आप अपने पेट को स्वस्थ व सेहतमंद रखें। यदि आप इस प्रयास में आगे बढना चाहते हैं और एक घरेलू उपाय की मदद से अपने पेट व आंतों की सेहत को सुधार सकते हैं। अपने पेट को साफ रखने के लिए आप अपने किचन में मौजूद सामग्री का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए पपीता के पत्‍ते का रस काफी फायदेमंद हो सकता है। इसे बनाना बहुत आसान है। इस लेख से सीखिए जूस तैयार करना।



सामग्री
  • पपीते के पत्तों का रस- 3 बड़े चमच
  • शहद- 1 बड़ा चमच


जूस बनाने की विधि

ऊपर दी गई सामग्री को एक गिलास में ड़ालकर मिलाएं। इस मिश्रण को 15 दिन तक रोज़ सुबह खाली पेट पिएं। यह मिश्रण आपके पेट को साफ कर आपको हल्का महसूस कराएगा। इसके अलावा, पपीते के पत्तों से बना यह रस आपके आँतों में मौजूद जीवाणुओं व बैक्टीरिया का खात्मा करता है तथा आपके पेट को सेहतमंद बनाता है। पपीते के पत्तों और शहद में मौजूद विटामिन व मिनरल पेट की कोशिकाओं को पोषित करते हैं तथा स्वस्थ पाचन रस के उत्पादन में सहायता करते हैं।

Ayurvedic tips for Hair


आइए जानते हैं, कुछ ऐसे आयुर्वेदिक उपायों के बारे में जिसे इस्तेमाल करने से बाल न सिर्फ काला होता है बल्कि उनमें कुदरती चमक भी आती है। साथ ही, बालों का झड़ना-गिरना (Hair Fall) भी बंद हो जाता है।



आंवला पाउडर 
आंवले के पाउडर को लोहे के काले रंग के बर्तन में एक दिन तक रखिए और दूसरे दिन सुबह इसमें थोड़ा पानी मिलाकर पेस्ट बना लीजिए। इस पेस्ट को पूरे एक हफ्ते तक पानी मिला कर लोहे बर्तन में रखना है। हफ्ते भर में यह पेस्ट बिल्कुल काला हो जाएगा। जब यह पेस्ट पूरी तरह काला हो जाए तो इसे डाई की तरह बालों में लगाएं। इस विधि को दो-तीन बार अलग-अलग दिन पर आजमाए। बालों में कुदरती काला रंग आने लगेगा

शिकाकाई
शिकाकाई और सूखे आंवले लेकर को अच्छी तरह से कूट ले। दोनों के टुकड़ों को रात भर पानी में भिगों कर रखें। सुबह इस पानी को कपड़े के साथ मसलकर छान लें और इससे बालों की मालिश करें। मालिश करने के आधा घंटा बाद बाद नहा लें। बालों के सूखने पर नारियल का तेल लगायें। ऐसा करने से बाल काले, लंबे, मुलायम और चमकदार होते हैं। खास बात यह है कि शिकाकाई और आंवले से बाल कभी सफेद नहीं होते व जिनके बाल सफेद हों तो वे भी काले हो जाते हैं.

नारियल व जैतून का तेल और नींबू का रस (Coconut Oil, Olive Oil and Lemon Juice)
नारियल के तेल और जैतून के तेल (ऑलिव ऑयल) की बराबर मात्रा लेकर इसमें नींबू की कुछ बूंदे मिला कर बालों की मालिश करें। मालिश के बाद फिर गर्म तौलिए से सिर को तीन मिनट के लिए ढकें। ऐसा करने से बालों का झड़ना (hair fall) बंद होता है और बाल काला भी होता है।

मेथी पाउडर 
मेथी के बीजों में बालों को पोषण देने वाले सभी जरुरी तत्व मौजूद होते हैं। मेथी के बीज में फॉस्फेट, लेसिथिन, न्यूक्लिओ-अलब्यूमिन और कॉड-लिवर ऑयल के साथ फोलिक एसिड, मैग्नीशियम, सोडियम, जिंक, कॉपर, नियासिन, थियामिन, कैरोटीन आदि पोषक तत्व पाए जाते हैं जो बालों की जड़ों को मजबूती प्रदान करते हैं।
मेथी दानों को ग्राईंडर में पीसकर चूर्ण बना लें। चूर्ण में पानी मिलाकर पेस्ट तैयार कर लें और इस पेस्ट को बालों में लगाएं। इसे लगाने से बाल काला, घना और लंबा तो होगा ही, डैंड्रफ की परेशानी भी खत्म होगी।

अमरबेल 
करीब 250 ग्राम अमरबेल को लगभग तीन लीटर पानी में उबालें। जब पानी आधा हो जाए और अमरबेल पानी में पूरी तरह मिल जाए तो तो इसे उतार लें। सुबह के समय इससे बालों को धोयें. इससे बाल लंबे, काले और घने होते हैं।

त्रिफला 
त्रिफला चूर्ण में लगभग एक चौथाई ग्राम लौह भस्म मिलाकर सुबह-शाम सेवन करने से बालों का झड़ना बंद हो जाता है और बालों में कुदरती रंग आती है।

कलौंजी 
एक लीटर पानी में पचास ग्राम कलौंजी उबाल लें। इस उबले हुए पानी को ठंडाकर इससे बालों को धोएं। बाल एक महीने के अंदर काले और लंबे हो जाएंगे।

नीम 
नीम के पत्तों को पानी के साथ पीसकर बालों में लगाएं व दो-तीन घंटे के बाद बालों को धो डालें। इससे बालों का झड़ना कम होगा और बाल लंबे और काले भी होंगे।

मेंहदी और आंवला 
सूखी मेंहदी और सूखा आंवला की बराबर मात्रा लेकर शाम को पानी में भींगने के लिए छोड़ लें। रात भर भींगने के बाद सुबह इससे बालों को धोएंट इसे लगातार आजमाने बाल काले, मुलायम और लंबे होते हैं।

रीठा 
एक ग्राम कपूर, 100 ग्राम नागरमोथा और रीठे के फल की गिरी, शिकाकाई पाव भर और 200 ग्राम आंवला, इन सभी को मिलाकर पीस लें। इस मिश्रण को आधा ग्लास पानी में मिलाकर लेप बना लें। इस लेप को बालों में लगाएं लेप सूखने के बाद गुनगुने पानी से बालों को अच्छी तरह धो लें। इससे बाल काले, घने और मुलायम होते हैं। रीठा, आंवला व शिकाकाई को आपस में मिलाकर बाल धोने से बाल सिल्की और चमकदार होती है।

शंखपुष्पी 
शंखपुष्पी से बने तेल रोजाना नियमित रूप से बालों में लगाने से सफेद बाल काले हो जाते हैं।

भांगरा 
जहां पर बाल न हों, वहां पर भांगरा के पत्तों के रस से मालिश करने से कुछ ही दिनों में अच्छे काले बाल निकल सकते हैं। जिन लोगों के बाल अधिक टूटते-झड़ते हैं उन्हें इस उपाय को जरूर आजमाना चाहिए। त्रिफला चूर्ण को भांगरा के रस में उबाल कर फिर इसे अच्छी तरह से सुखाकर, पीसकर रख लें। इसे प्रतिदिन सुबह के समय लगभग 2 ग्राम तक सेवन करने से बालों का सफेद होना बंद हो जाता है।

काला तिल 
काले तिल के तेल बालों में लगाने से बाल सफेद नहीं होते हैं। रोजाना सिर में तिल के तेल को लगाने से बाल घने काले और चमकदार हो जाते हैं।