Follow these tips if you worry about obesity, weight will be reduced in a few days


आधुनिक युग में अधिकांश लोग ऐसे हैं, जिनकी दिनचर्या पूरी तरह अनियमित है। खान-पान भी असंतुलित है। इस वजह से बड़ी संख्या में लोग मोटापे का शिकार हो गए हैं। मोटापे को लेकर शुरू में सचेत हो जाना चाहिए, अन्यथा इसे कंट्रोल कर पाना बहुत मुश्किल हो जाता है। मोटापे के कारण कई प्रकार के दूसरे रोग होने की संभावनाएं भी काफी बढ़ जाती हैं। आलस्य बढ़ता है। शारीरिक ऊर्जा में कमी जाती है। जो लोग मोटापे की गिरफ्त में हैं, वे हर रोज शाम होते-होते बुरी तरह थक जाते हैं। यहां कुछ ऐसे नुस्खे बताए जा रहे हैं, जिनसे मोटापे को दूर किया जा सकता है और इनसे स्वस्थ को बहुत लाभ मिलता है...

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मोटापा दूर करने में अश्वगंधा भी काफी कारगर है। इसके पत्ते का यह नुस्खा हर रोज अपनाएं। खाने से कुछ देर पहले अश्वगंधा के पत्ते को मसलकर एक छोटी सी गोली बनाएं और इस गोली को निगल लें। इस नुस्खे से भी मोटापा दूर हो सकता है।

रोज सुबह नींबू और शहद को गुनगुने पानी में डालकर पीएं। इससे शरीर का अतिरिक्त फैट कम हो जाता है।

हर रोज कम से कम 750 ग्राम फल और सब्जियों का सेवन अवश्य करें।

पुदीने का रस एक चम्मच और दो चम्मच शहद, एक साथ मिलाएं और इसका सेवन नियमित रूप से करते रहें।

- हर रोज कम से कम तीन किलोमीटर तेज गति से चलें। साथ ही, दौड़ना, तैरना, खेलना, साइकिल चलाना भी मोटापा दूर करने में लाभदायक है। प्रतिदिन कम से कम 15 मिनट कपालभाति प्रणायाम अवश्य करें।


 
ज्यादा कार्बोहाइड्रेट वाली चीजों का सेवन करें। शक्कर, आलू और चावल में अधिक कार्बोहाइड्रेट होता है और ये चर्बी बढ़ाते हैं, अत: इनसे पूरी तरह परहेज करें।


रोटी के लिए गेहूं, सोयाबीन, चने के मिश्रित आटे का उपयोग करें।


- भोजन मे ज्यादा रेशे वाले पदार्थ शामिल करें। हरी सब्जियों और फलों में अधिक रेशे होते हैं। ये शरीर को स्वस्थ बनाए रखते हैं।

- भूख लगने पर ही खाना खाएं और एकदम भरपेट भोजन करें। प्रतिदिन पानी अधिक पीएं, लेकिन खाना खाते समय बीच-बीच में अधिक पानी पीएं।


 
- सुबह-शाम खाना खाने के बाद कुछ देर वज्रासन में अवश्य बैठें। इससे आपकी पाचन क्रिया व्यवस्थित रहेगी और पेट संबंधी बीमारियां दूर रहेंगी।

 
मोटापे से बचने के लिए दूध से निर्मित पदार्थ का सेवन कम कर देना चाहिए। यदि संभव हो सके तो अधिक वसा वाली चीजें खाना पूरी तरह बंद कर दें।

पालक खाकर करें पथरी, थायराइड, BP जैसे रोगों का इलाज, ये हैं खास तरीके

उज्जैन। पालक एक पत्तियोंवाली भाजी है जो अपने गुणकारी असर के चलते सारे भारत में मशहूर है। सारे भारत में इसकी खेती की जाती है और इसे बडे चाव से सब्जी के तौर पर खाया जाता है। इसका वानस्पतिक नाम स्पीनेसिया ओलेरेसिया है। पालक में विटामिन क्वएं क्वबीं क्वसीं और क्वईं के अलावा प्रोटीन, सोडियम, कैल्शियम, फास्फोरस, क्लोरिन, थायामिन, फाइबर, राइबोफ्लैविन और लौह तत्व आदि पाए जाते है। आदिवासी इसे अनेक हर्बल नुस्खों के तौर पर अपनाते हैं। आज जानते हैं पालक से जुडे हर्बल नुस्खों के बारे में..
 
पालक के संदर्भ में रोचक जानकारियों और परंपरागत हर्बल ज्ञान का जिक्र कर रहें हैं डॉ दीपक आचार्य (डायरेक्टर-अभुमका हर्बल प्रा. लि. अहमदाबाद)। डॉ. आचार्य पिछले १५ सालों से अधिक समय से भारत के सुदूर आदिवासी अंचलों जैसे पातालकोट (मध्यप्रदेश),  डांग (गुजरात) और अरावली (राजस्थान) से आदिवासियों के पारंपरिक ज्ञान को एकत्रित कर उन्हें आधुनिक विज्ञान की मदद से प्रमाणित करने का कार्य कर रहें हैं।
 
डांग - गुजरात के आदिवासियों के अनुसार ककड़ी, पालक और गाजर की समान मात्रा का जूस तैयार कर पीने से बाल घने होने लगते हैं और बढना प्रारंभ हो जाते हैं। 

पालक के एक गिलास जूस में स्वादानुसार सेंधा नमक मिलाकर सेवन करने से दमा और श्वास रोगों में खूब लाभ मिलता है। 
निम्न रक्तचाप के रोगियों को प्रतिदिन पालक की सब्जी का सेवन करना चाहिए। माना जाता है कि यह रक्त प्रवाह को नियंत्रित करने में मदद करता है।
जिन्हें एनिमिया या रक्त अल्पता की शिकायत हो उन्हें प्रतिदिन पालक का रस (लगभग एक गिलास) दिन में 3  तीन बार अवश्य लेना चाहिए। 
थायरॉइड में एक प्याला पालक के रस के साथ एक चम्मच शहद और चौथाई चम्मच जीरे का चूर्ण मिलाकर सेवन करने से लाभ होता है। 

पालक के पत्तों का रस और नारियल पानी की समान मात्रा मिलाकर सुबह शाम लिया जाए तो पथरी घुलकर बाहर निकल आती है।
पातालकोट के आदिवासी पालक के जूस से कुल्ला करने की सलाह देते है, इनके अनुसार ऐसा करने से दांतों की समस्याओं,मुंह की बदबू जैसे विकार दूर हो जाते है। 
पीलिया के दौरान रोगी को पालक का रस कच्चे पपीते में मिलाकर दिया जाए तो अच्छा होता है, डांग - गुजरात के आदिवासी पीलिया होने पर रोगी को छिलके वाली मूंग की दाल में पालक डालकर तैयार की गयी सब्जी खिलाते है। 
दिल के रोगियो को प्रतिदिन एक कप पालक के जूस के साथ 2 चम्मच शहद मिलाकर लेना चाहिए, ये बड़ा गुणकारी होता है। 
जिन्हें कोलायटिस की समस्या हो, पालक और पत्तागोभी के पत्तों की समान मात्रा का रस तैयार कर कुछ दिनों तक लिया जाए तो आराम मिल जाता है। 









कुछ घरेलू आसान तरीके मोच और सूजन से निजात पाने के लीऐ


पहला प्रयोगः लकड़ी-पत्थर आदि लगने से आयी सूजन पर हल्दी एवं खाने का चूना एक साथ पीसकर गर्म लेप करने से अथवा इमली के पत्तों को उबालकर बाँधने से सूजन उतर जाती है।

दूसरा प्रयोगः अरनी के उबाले हुए पत्तों को किसी भी प्रकार की सूजन पर बाँधने से तथा 1 ग्राम हाथ की पीसी हुई हल्दी को सुबह पानी के साथ लेने से सूजन दूर होती है।

तीसरा प्रयोगः मोच अथवा चोट के कारण खून जम जाने एवं गाँठ पड़ जाने पर बड़ के कोमल पत्तों पर शहद लगाकर बाँधने से लाभ होता है।

चौथा प्रयोगः जामुन के वृक्ष की छाल के काढ़े से गरारे करने से गले की सूजन में फायदा होता है। सूजन में करेले का साग लाभप्रद है।

भीतरी चोट -

पहला प्रयोगः 1 से 3 ग्राम हल्दी और शक्कर फाँकने और नारियल का पानी पीने से तथा खाने का चूना एवं पुराना गुड़ पीसकर एकरस करके लगाने से भीतरी चोट में तुरंत लाभ होता है।

दूसरा प्रयोगः 2 कली लहसुन, 10 ग्राम शहद, 1 ग्राम लाख एवं 2 ग्राम मिश्री इन सबको चटनी जैसा पीसकर, घी डालकर देने से टूटी हुई अथवा उतरी हुई हड्डी जल्दी जुड़ जाती है।

तीसरा प्रयोगः बबूल के बीजों का 1 से 2 ग्राम चूर्ण दिन शहद के साथ लेने से अस्थिभंग के कारण दूर हुई हड्डी वज्र जैसी मजबूत हो जाती है।

मोटापा कम करने के कुछ टेस्टी तरीके - Some tasty ways to reduce fat


ज्यादा मोटापा खूबसूरती को छूपा देता है। ऐसे में वजन घटाने की हानिकारक गोलियां खाने से अच्छा है,कुछ घरेलू तरीकों को अपनाया जाए। हम आज आपको बताने जा रहे हैं कुछ ऐसे ही टेस्टी तरीके जो बहुत आसानी से आपका वजन घटा देंगे।

- करेले के रस में नींबू का रस मिलाकर पीने से मोटापा कम होता है।

- सब्जियों और फलों में कैलोरी कम होती है इसलिए ये अधिक खाएं। केला और चीकू न खाएं इनसे मोटापा बढ़ता है।

- चाय में पोदिना डालकर पीने से मोटापा कम होता है।

- मोटापा कम करने के लिए नमक रहित भोजन करना चाहिए।

- एक गिलास गर्म पानी में एक नींबू,और चम्मच शहद डालकर खाली पेट दो माह तक पीने से मोटापा कम होता है।

- चने की भीगी हुई दाल और शहद मिलाकर रोज खाने से मोटापा कम होता है।

- रोजाना कच्चा टमाटर, नमक और प्याज साथ खाने से मोटापा कम होने लगता है।

- दही मोटापा कम करने में लाभप्रद होता है।

-छाछ में काला नमक व अजवाइन मिलाकर पीने से मोटापा कम होने लगता है।

- तुलसी के पत्तों का रस, शहद और एक कप पानी तीनों को मिलाकर पीने मोटापा घटता है।

- मोटापा घटाने के लिए सात दिन में एक दिन व्रत जरुर रखें और सिर्फ फलों का ही सेवन करें।